नागौर में मानसून की एंट्री के बाद हुई एक दिन की अच्छी बारिश से किसानों को राहत जरूर मिली। इसके बाद बारिश थमने और हवा की रफ्तार धीमी पड़ने से जिले में उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा बना रहा, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से दिनभर चिपचिपी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार बाजारों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग उमस से राहत पाने के लिए छांव और कूलर-पंखों का सहारा लेते नजर आए। दो दिन पहले हुई बारिश से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और अंकुरण को फायदा मिला है। बाजरा, मूंग, ग्वार और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हुई है। हालांकि किसान अब अगली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों की बढ़वार बेहतर हो सके। 9 दिन में 874 एमएम बारिश दर्ज मानसून की शुरुआत के बाद पिछले नौ दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 874 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इनमें नागौर में 140 एमएम, डेगाना में 129 एमएम, खींवसर में 120 एमएम, डेह में 114 एमएम, सांजू में 110 एमएम, रियांबड़ी में 92 एमएम, जायल में 71 एमएम, मूंडवा में 60 एमएम और मेड़ता में 38 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार वातावरण में नमी बनी हुई है और बादलों की आवाजाही जारी है। आगामी एक-दो दिनों में जिले के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। यदि अच्छी बारिश होती है तो लोगों को उमस से राहत मिलने के साथ खरीफ फसलों को भी फायदा होगा।