नागौर में मानसून का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। जुलाई का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद जिले में मानसून की एंट्री नहीं हुई है। पिछले 5 सालों में यह पहला मौका है, जब मानसून जून की बजाय जुलाई तक भी नागौर नहीं पहुंच पाया। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों में बारिश की संभावना है। प्री-मानसून बारिश के बाद बढ़ी उमस 2 दिन पहले हुई प्री-मानसून बारिश के बाद उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिनभर तेज धूप और हवा नहीं चलने से उमस का असर देखने को मिला। सुबह से ही लोग पसीने से तरबतर नजर आए, जबकि दोपहर के समय गर्मी ने हालात और मुश्किल कर दिए। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। यह सिस्टम अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। जैसे ही यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर पहुंचेगा, इसका असर राजस्थान पर भी दिखाई देगा। इसके प्रभाव से नागौर समेत पूर्वी राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। अच्छी बारिश की उम्मीद रविवार को नागौर में सुबह सापेक्ष आर्द्रता 99 प्रतिशत दर्ज की गई, जो शाम तक घटकर 46 प्रतिशत रह गई। दिन का अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन सिस्टम के आगे बढ़ते ही नागौर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो जाएगा और अच्छी बारिश की संभावना बनेगी। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल वातावरण में नमी बनी हुई है और अगले दो-तीन दिनों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। ऐसे में बारिश होने तक लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की नियमित बारिश शुरू होने के बाद ही तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी।