कुचामन में होटल से तीन बांग्लादेशी महिलाओं के मिलने के अगले ही दिन नागौर पुलिस ने शहर में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। मंगलवार को पुलिस ने 12 होटल और गेस्ट हाउस पर एक साथ छापेमारी की। करीब 3 से 4 घंटे तक चली इस कार्रवाई में होटल संचालकों, कर्मचारियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल महिलाओं समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मोबाइल फोन, होटल के एंट्री रजिस्टर और पहचान संबंधी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। अब इनकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शहर के कई इलाकों में एक साथ पहुंची पुलिस टीम उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस, डीएसटी और क्यूआरटी की संयुक्त टीमों ने बीकानेर रोड, बस स्टैंड रोड, दिल्ली दरवाजा समेत शहर के कई इलाकों में स्थित होटल और गेस्ट हाउसों पर एक साथ दबिश दी। टीमों ने कमरों की तलाशी ली और होटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। बाहर से युवतियां बुलाकर ग्राहकों से कराया जा रहा था संपर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ होटल और गेस्ट हाउसों में बाहर से युवतियों को बुलाकर ग्राहकों से संपर्क कराया जा रहा था। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, एंट्री रजिस्टर और पहचान संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं। अब इनकी जांच कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। कुचामन के होटल कनेक्शन की भी हो रही जांच यह कार्रवाई उस मामले के बाद की गई, जिसमें कुचामन सिटी के स्टेशन रोड स्थित एक होटल से तीन बांग्लादेशी महिलाएं और बिहार की एक युवती मिली थीं। जांच एजेंसियों को शक है कि बांग्लादेशी महिलाओं को सीमावर्ती इलाकों के रास्ते अवैध तरीके से भारत लाया गया था। इसी कड़ी में अब नागौर के संदिग्ध होटल और गेस्ट हाउस भी जांच के दायरे में हैं। CO बोले- लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें नागौर सीओ जतिन जैन ने बताया कि होटलों में अनैतिक गतिविधियों और अवैध रूप से लोगों को ठहराने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इसी आधार पर पुलिस टीमों ने कार्रवाई कर तलाशी ली। होटल संचालकों के रिकॉर्ड, दस्तावेज और जब्त सामग्री की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब 15 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया है। जांच में सबूत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।