नागौर शहर में संत पीपा महाराज की 703वीं जयंती पर धार्मिक कार्यक्रम और शोभायात्रा निकाली गई। दर्जियों की गली स्थित मंदिर में पूजा के बाद गांधी चौक से शोभायात्रा रवाना हुई। इसमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर मंदिर परिसर में प्रसादी ग्रहण की। ​मंदिर में पूजा और आरती पीपा क्षत्रिय समाज की ओर से गांधी चौक स्थित मंदिर परिसर से शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा दर्जियों की गली से रवाना होकर दर्जी समाज भवन तक पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे पीपाजी महाराज के जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। वाहन में विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां सजाई गई थीं, जिनका विभिन्न समुदायों के लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। जयंती के मौके पर दर्जियों की गली स्थित मंदिर में दीप जलाकर पूजा की गई। सुबह गणपति पूजन और विशेष आरती हुई। इसके साथ दर्जी भवन में भी पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। महिलाएं भक्ति गीतों पर शामिल हुईं शोभायात्रा के दौरान समाज की महिलाएं भक्ति गीतों पर शामिल हुईं और कार्यक्रम में भाग लिया। जयंती के अवसर पर समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और मंदिर परिसर में प्रसादी ग्रहण की। संत पीपा महाराज का परिचय संत पीपा जी गागरोन के शासक थे, जिनका बचपन का नाम प्रतापराव खींची था। उन्होंने काशी में गुरु रामानंदाचार्य से शिक्षा ली और बाद में राजपाट छोड़कर संत जीवन अपनाया। बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था।