नागौर में राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) ने शिक्षकों के तबादलों में कथित अनियमितताओं और मनमानी के विरोध में गुरुवार को नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक संघ से जुड़े टीचर्स ने जिला कलेक्टर के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में, जब स्कूलों में नामांकन अभियान और पढ़ाई पर पूरा ध्यान होना चाहिए, तब तबादलों के नाम पर शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा- शिक्षकों में भय का माहौल है और पूरे शैक्षणिक तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी का आरोप संघ का कहना है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी की गई। गंभीर बीमारी से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग और अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों का भी दूरदराज क्षेत्रों में तबादला कर दिया। पिछले 15 दिनों से कई शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के बजाय अपने तबादले रुकवाने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और नामांकन अभियान प्रभावित हो रहा है। स्थायी स्थानांतरण नीति की मांग शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बदले की भावना से किए गए सभी स्थानांतरण तत्काल निरस्त किए जाएं और शिक्षकों के सभी संवर्गों के लिए जल्द से जल्द स्थाई स्थानांतरण नीति लागू की जाए। 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर प्रदर्शन की चेतावनी संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 17 जुलाई को प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।