नागौर जिला मुख्यालय के समीप साडोकन में गोचर भूमि के बड़े भू भाग पर ग्रामीणों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 22 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया है। साडोकन निवासी हरकाराम द्वारा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए उच्च न्यायालय जोधपुर में रिट पिटीशन दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने डीबी सिविल पिटीशन संख्या 11629 को स्वीकार कर विधिवत अतिक्रमण हटाने के निर्देश तहसीलदार नागौर को दिए थे। 22 बीघा गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया न्यायालय के आदेश की पालना में तहसीलदार नागौर ने राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत प्रकरण दर्ज कर बेदखली के आदेश जारी किए। जिला कलेक्टर नागौर के निर्देशन और गोविंद सिंह भीचर के सुपरविजन में राजस्व टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 जेसीबी मशीनों की सहायता से 22 बीघा गोचर भूमि से अतिक्रमणकारियों को बेदखल कर कब्जा राज लिया। तहसीलदार नरसिंह टाक ने बताया कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्यवाही जारी रखी जाएगी। हालांकि बेदखली आदेशों के खिलाफ 28 व्यक्तियों ने उच्च न्यायालय की शरण लेकर स्थगन आदेश प्राप्त किया है, जिसमें भी प्रशासन द्वारा प्रभावी पैरवी की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत साडोकन का सहयोग रहा तथा शांति एवं कानून व्यवस्था की कमान रोल थानाधिकारी ने संभाली। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।