कोटपूतली-बहरोड़ जिले का नीमराना औद्योगिक एरिया। यहां 24 अप्रैल की शाम को एक अवैध कबाड़ गोदाम में लगी आग में चार लोग जिंदा जल गए थे। डॉक्टर्स ने बताया कि शवों के नाम पर केवल हडि्डयां हैं। दांतों के सैंपल से पहचान की उम्मीद है। कौनसी बॉडी किसकी है इसकी पहचान नहीं हो रही है। अब डीएनएल सैंपल की रिपोर्ट के बाद ही बॉडी दी जाएगी। वहीं, परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे प्रशासन से बार-बार शव जल्द देने की गुहार लगा रहा है। वहीं, हादसे के 2 दिन बाद भी पूरे गोदाम और आसपास के एरिया में बदबू फैली हुई है। गोदाम के अंदर उन परफ्यूम की बोतलों का ढेर है, जिनके कारण आग भड़की थी। फॉरेंसिक टीमों ने यहां से सैंपल लिए हैं। जांच की जा रही है कि गोदाम के अंदर जो धमाके सुनाई दिए वो किस वजह से हुए? यहां परफ्यूम की बोतलों के अलावा और क्या था जिससे इतना बड़ा हादसा हुआ? सब सवालों का जवाब जानने के लिए भास्कर टीम भी मौके पर पहुंची, पढ़िए-पूरी रिपोर्ट भास्कर रिपोर्टर जब गोदाम के अंदर पहुंचे तो सबसे पहले वो पिकअप दिखाई दी, जिसके बार में दावा है कि इसी के ड्राइवर की लापरवाही से ये हादसा हुआ। दरसअल, शुक्रवार शाम करीब 4 बजे गोदाम में काम करने वाले मजदूर डेली की तरह यहां पड़ी परफ्यूम की बोतल तोड़कर एल्युमिनियम अलग कर रहे थे। इन बोतलों से थोड़ा-थोड़ा केमिकल भी बाहर निकल रहा था। इस दौरान कबाड़ लेने आए ड्राइवर ने बीड़ी जलाकर माचिक की तिली वहां फेंक दी। कुछ सेकेंड में ही आग लग गई है। कबाड़ गोदाम के पास रहने वाले लोगों ने बताया की काफी देर तक धमाकों की आवाज सुनाई दी थी। पूरा एरिया धुएं से भर गया था। सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। देखिए, गोदाम के अंदर का हाल- सिर्फ हड्डियां बचीं, दांत से लेने पड़े सैंपल बहरोड़ जिला हॉस्पिटल के डॉक्टर आदर्श अग्रवाल ने बताया- इस हादसे में जले लोगों की सिर्फ हड्डियां ही बची हैं। सिर्फ नाम मात्र ही मांस के टुकड़े हैं। एफएसएल की टीम को इनकी दांतों से डीएनए सैंपल लेना पड़ा है। उन्होंने बताया कि डीएनए सैंपल को जयपुर लैब में भेजा गया है। करीब 15-20 घंटे में इन सैंपल की रिपोर्ट आ जाएगी। जिससे पता चलेगा कि किस परिजन को कौन सा शव देना है। कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग में नीमराना के दशरथ (28) पुत्र जगदीश, हरियाणा के नारनौल निवासी रविदत यादव (58) पुत्र पूर्ण सिंह, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर निवासी कविता (17) पुत्री रूपनलाल और आरूषी (7) पुत्री संतराम की मौत हुई है। 7 साल की मासूम के पिता नहीं रुक रहे आंसू आरूषी के पिता संतराम ने रोते हुए बताया कि- मेरी 7 साल की बेटी थी। घर पर रहती थी। शुक्रवार को पड़ोस की लड़की के साथ गोदाम में गई थी। किसे पता था कि वहां ये सब हो जाएगा। इसी आग में कविता की भी जान चली गई, जो उसी गोदाम में काम करती थी। कविता के पिता रूपनलाल ने कहा- अभी तक मैं अपनी बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाया हूं। पुलिस वालों ने थाने में बैठा रखा है। बोल रहे हैं कि गाड़ी आएगी तो अस्पताल लेकर जाएंगे। मैं परेशान हो चुका है, मुझे मेरी बेटी का शव दे दो। हादसे के दौरान 7 लोग थे, 2 लोग बचकर भागे गोदाम में आग लगने के दौरान वहां 7 लोग थे। इनमें दो महिलाएं शबाना और सपना मुश्किल से बचकर बाहर भाग गईं थीं। वहीं, झारखंड की रहने वाली बिरमा दत्त के दोनों पैर झुलस गए। हालांकि, उसकी हालत ठीक है। जांच में सामने आया है कि कबाड़ गोदाम दो लोगों का था। इनमें एक मनोज कुमार और दूसरा करणसिंह है। मनोज कुमार ने प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्ट्री का भी मालिक है। वहीं, करणसिंह गोदाम का काम देखता था। मृतक नाबालिग कविता के पिता रूपनलाल ने गोदाम मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जानिए, क्यों परफ्यूम से लगती है आग जयपुर के एमएनआईटी (मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के टेक्निकल एक्सपर्ट डॉ. दीपक कुमार ने बताया- डियोडरेंट और स्प्रे परफ्यूम में एसेंशियल ऑयल के साथ-साथ प्रोपेलेंट गैस होती है। ज्यादातर स्प्रे डिओडोरेंट में खुशबू को सुखाने के लिए एथेनॉल या आइसोप्रोपिल अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी गैस और केमिकल ज्वलनशील होती हैं। …. इस हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- परफ्यूम की बोतल के कारण भड़की आग, 4 जिंदा जले: नीमराना के अवैध कबाड़ गोदाम में धमाके, 1KM तक दिखाई दीं लपटें, 2 लोग लापता राजस्थान के नीमराना (कोटपूतली-बहरोड़) में अवैध कबाड़ गोदाम में आग लगने से 4 लोग जिंदा जल गए। इसमें दो नाबालिग भी हैं। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से झुलसी है। पूरी खबर पढ़ें…