जोधपुर में NEET परीक्षा-2026 के दौरान इस बार सुरक्षा और नियमों को लेकर सख्ती देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर एंट्री से पहले अभ्यर्थियों से दुपट्टा, कलावा (हाथों पर बंधा हुआ धागा) तक उतरवाया गया, वहीं पेन और पानी की बोतल भी बाहर रखवाई गई। कड़ी जांच प्रक्रिया के चलते छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जबकि बाहर अभिभावक तीन घंटे तक पेड़ों की छाया में इंतजार करते नजर आए। रविवार शाम 5 बजे ही परीक्षा खत्म हो चुकी है। जोधपुर में नीट एग्जाम के लिए 46 परीक्षा केंद्रों पर करीब 15 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक एक पारी में आयोजित की गई। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर एंट्री सुबह 11 बजे से ही शुरू कर दी गई थी। कैंडिडेट्स को दोपहर 1.30 बजे तक एंट्री दी गई, इसके बाद एग्जाम सेंटर के गेट बंद कर दिए गए। पहले, देखिए परीक्षा से जुड़ी PHOTO'S अभ्यर्थियों से हाथों से कलावा भी उतरवाया शास्त्री नगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विशिष्ट पूर्व में कड़ी जांच पड़ताल के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। इस दौरान कलावा पहनकर पहुंचे अभ्यर्थी परिजनों से कलावा खुलवाकर एंट्री की। परीक्षा केंद्र पर कई स्तर की जांच पड़ताल के बाद स्टूडेंट को एंट्री मिली। परीक्षा में दुपट्टा उतरवाकर दी गई एंट्री श्री रामस्वरूप गणेश देवी चिल्का राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल शास्त्री नगर में भी स्टूडेंट जांच के लिए टीम मुस्तैद नजर आई। एंट्री से पहले स्टूडेंट के अच्छे तरीके से ड्यूटी में लगे कार्मिकों ने जांच की। यहां स्टूडेंट से दुपट्टा उतरवाकर एंट्री दी गई। वहीं इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज पेन, पानी की बोतल जैसी चीज स्टूडेंट से बाहर रखवाई गई। एग्जाम सेंटर पर स्टूडेंट के साथ-साथ बड़ी संख्या में उनके अभिभावक भी पहुंचे, जो आसपास पेड़ की छांव में बैठकर एग्जाम खत्म होने का इंतजार करते नज़र आए। गौरतलब है कि राजस्थान के 611 परीक्षा केंद्रों पर देश का सबसे बड़ा मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम 'NEET-UG 2026' आयोजित किया गया। परीक्षा को लेकर गड़बड़ी रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए। केंद्रों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं मिली।