राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने जजों के लिए पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए एक अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत जजों को रिटायरमेंट या ट्रांसफर के समय सरकारी फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान तय ‘डेप्रिसिएटेड वैल्यू’ (मूल्यह्रास दर) पर खरीदने का विकल्प दिया गया है। इतना ही नहीं, जजों को साल में एक बार पॉलिशिंग, ड्राई क्लीनिंग और सर्विसिंग की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही, जल्द खराब होने वाली सामग्री के लिए उन्हें अब कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए राज्य में जजों के आधिकारिक आवास और आवासीय कार्यालयों में उपलब्ध सुख-सुविधाओं, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रखरखाव तथा उनके निपटान को लेकर नए नियम प्रभावी कर दिए गए हैं। पूरा सिस्टम हाईकोर्ट की एक विशेष जजों की समिति की देखरेख में काम करेगा, जिसे समय-समय पर सामान के प्रतिस्थापन और सूची में बदलाव करने का अधिकार होगा। प्रशासनिक आदेश रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा की ओर से जारी किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान को रोकना और जजों के सेवानिवृत्त या स्थानांतरित होने के समय पुरानी वस्तुओं को जमा कराने तथा उनके रखरखाव से जुड़ी प्रशासनिक असुविधाओं को समाप्त करना है। क्यों पड़ी नए नियमों की जरूरत? आमतौर पर जब कोई जज सेवानिवृत्त होता था या ट्रांसफर होता था, तब उसके आवास का सारा सामान सरकारी स्टोर में जमा करा दिया जाता था। लंबे समय तक स्टोर में बंद रहने के कारण ये सामग्रियां बेकार हो जाती थीं। इसके अलावा, नए नियुक्त होने वाले जज भी इन पुराने इस्तेमाल किए गए सामानों को लेने से कतराते थे। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है। दरअसल, कुछ वर्ष पहले मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में यह विचार रखा गया था कि सेवानिवृत्त होने वाले जजों को उनके उपयोग में आने वाले फर्नीचर और अन्य सामान को बुक वैल्यू पर खरीदने का विकल्प मिलना चाहिए। वरिष्ठता के आधार पर खरीद का मौका लागत का कम से कम 15% दाम
नियमों के तहत जिन सामग्रियों पर स्टार मार्क लगा है (जैसे गद्दे, कालीन, पर्दे, बेडशीट, क्रॉकरी, वैक्यूम क्लीनर आदि), उन्हें पेरिशेबल (जल्दी खराब होने वाली) वस्तुएं माना गया है। जजों को सेवानिवृत्ति या ट्रांसफर के समय ये सामान बिना किसी भुगतान के अपने साथ ले जाने की अनुमति होगी। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में सामान की न्यूनतम कीमत उसकी मूल खरीद लागत के 15% से कम नहीं आंकी जाएगी। शेष | पेज 7 सामग्रियों का वर्गीकरण और लाइफ स्पैन टिकाऊ फर्नीचर: डाइनिंग टेबल, सोफा सेट, बेड, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, राइटिंग टेबल आदि का जीवनकाल 4 वर्ष तय किया गया है। वहीं, गैर-टिकाऊ फर्नीचर जैसे गद्दे, कालीन, पर्दे, सूटकेस तथा प्लास्टिक/केन का फर्नीचर का जीवनकाल 2 से 4 वर्ष रखा गया है। डोरमैट, डस्टबिन और तौलिये आदि का जीवनकाल 1 से 2 वर्ष तय किया गया है। टिकाऊ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एसी, फ्रिज, पंखे और डीप फ्रीजर का जीवनकाल 6 वर्ष तय किया गया है। टीवी, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, कंप्यूटर, लैपटॉप, गीजर तथा इन्वर्टर-बैटरी की लाइफ 5 वर्ष रखी गई है। मिक्सर-ग्राइंडर, वाटर प्यूरीफायर और इंडक्शन का जीवनकाल 3 वर्ष होगा। वहीं, गैर-टिकाऊ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे रूम हीटर, इंसेक्ट किलर, टेबल लैंप और हेयर ड्रायर आदि की लाइफ 1 से 2 वर्ष निर्धारित की गई है।