औषधि नियंत्रण विभाग करेगा एफआईआर दर्ज भास्कर न्यूज | झालावाड़ असनावर के निकट अकतासा गांव में बिना डिग्री और दवा बेचने का लाइसेंस नहीं होने के बावजूद एक नीम हकीम मरीजों का इलाज करते पकड़ा गया। कलेक्टर द्वारा गठित टीम ने बुधवार को संबंधित क्लिनिक पर कार्रवाई की तो मामले का खुलासा हुआ। आरोपी लंबे समय से रोगियों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था। डीसीओ उमेश मुखिजा ने बताया कि गांव में रवि जाटव जय माता दी क्लिनिक संचालित कर एलोपैथिक प्रैक्टिस कर रहा था। मरीजों को बिना बिल के दवाइयां भी दे रहा था। मामला तब सामने आया जब औष​िध नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी को मेल पर गोपनीय शिकायत मिली। जांच के दौरान दवाओं के भंडारण और बिक्री का लाइसेंस नहीं मिला। एलोपैथिक चिकित्सा कर रहे आरोपी के पास रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर का कोई प्रमाण-पत्र भी नहीं मिला। टीम को क्लिनिक से करीब 40 हजार रुपए की 75 प्रकार की दवाएं मिलीं। इनमें गर्भपात या गर्भनिरोधक से संबंधित दवाएं भी शामिल थी। आरोपी इनके बिल भी प्रस्तुत नहीं कर सका। कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने दवाओं को जब्त किया है। कोटा-झालावाड़ के स्टोर्स की भी होगी जांच आरोपी से पूछताछ में बिना बिल की दवाएं कोटा और झालावाड़ के मेडिकल स्टोर्स से खरीदने की बात सामने आई है। अब संबंधित मेडिकल स्टोर्स के रिकॉर्ड की जांच कर दवाओं के स्रोत का सत्यापन किया जाएगा। औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से तीन प्रकार की दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए सीलबंद किए हैं। कार्रवाई में असनावर तहसीलदार, चिकित्सा विभाग, औषधि नियंत्रण विभाग और पुलिस के प्रतिनिधि शामिल रहे। विभाग की ओर से इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। टीम ने मौके से तीन दवाइयों के सैंपल भी लिए हैं, जिनको जांच के लिए लैब में भेजा गया है। झालावाड़. अकतासा गांव में अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई करती टीम।