नोखा नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान मतदान को लेकर विवाद सामने आया है। भाजपा के निर्वाचित पार्षदों ने नोखा थाने में रिपोर्ट देकर CPI(M) कार्यकर्ताओं और विकास मंच के बाउंसरों पर रास्ता रोकने, गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने से रोकने का प्रयास किया गया। भाजपा पार्षदों की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को शाम करीब 4:30 बजे वे भाजपा के उपाध्यक्ष प्रत्याशी सीताराम के साथ नोखा नगरपालिका के मतदान केंद्र पर वोट डालने जा रहे थे। पुलिस थाने के पास मतदान केंद्र से करीब 200 मीटर दूर बैरिकेड के पास पहुंचते ही उन्हें कथित तौर पर रोक लिया गया। शिकायत में बताया गया कि इस दौरान 13 निर्वाचित पार्षदों का समूह मौजूद था। इनमें उपाध्यक्ष प्रत्याशी सीताराम के अलावा गणपतराम, श्रवणराम ज्याणी, रेवंतराम, दिनेश सुथार, ओमप्रकाश भाम्भु, ओमप्रकाश सिहाग, महेश झंवर, जयश्री भुरा, सारदा, अणदु देवी, परमा देवी और यशोदादेवी भट्टड शामिल थे। जातिसूचक गालियां और धक्का-मुक्की के आरोप भाजपा पार्षदों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि CPI(M) के कई कार्यकर्ताओं और विकास मंच से जुड़े बाउंसरों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान पार्षदों के साथ बदतमीजी की गई और जातिसूचक गालियां दी गईं। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग मारपीट पर उतारू हो गए। शिकायत में महिला पार्षदों के साथ भी धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। पार्षदों के अनुसार, जब उन्होंने विरोध करते हुए पूछा कि उन्हें मतदान केंद्र तक जाने से क्यों रोका जा रहा है, तो कथित तौर पर उन्हें मतदान नहीं करने देने की धमकी दी गई। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने SHO को दी सूचना घटना के दौरान मतदान स्थल पर मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष गंगाराम पारीक ने नोखा थाना प्रभारी को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, सूचना मिलने के बाद थानाधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में सभी 13 पार्षदों को मतदान केंद्र के अंदर तक पहुंचाया गया। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि विकास मंच के बाउंसर मतदान केंद्र के अंदर भी मौजूद थे। पार्षदों ने धमकी देने का भी लगाया आरोप शिकायत में भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि CPI(M) कार्यकर्ताओं और विकास मंच के बाउंसरों ने गैरकानूनी तरीके से उनका रास्ता रोका और गाली-गलौज व बदतमीजी की। पार्षदों के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर यह धमकी दी गई कि वे मतदान नहीं कर पाएंगे और उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा गया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के जरिए उन्हें मतदान करने से रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने शिकायत में कहा कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। कार्रवाई की मांग, वीडियो रिकॉर्डिंग का दिया हवाला भाजपा पार्षदों ने नोखा पुलिस से शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग को भी जांच में शामिल करने की मांग की गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।