पतंगबाजी के मौसम में संदेशों से सजी पतंगें आसमान में जरूर उड़ रही हैं, लेकिन सवाल यही है, क्या सिर्फ पोस्टर और स्लोगन से नशे और चाइनीज मांझे पर लगाम लगेगी। जब तक जिला प्रशासन और पुलिस जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक ये अभियान महज औपचारिकता बनकर रह जाएंगे। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने स्पष्ट कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आमजन की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने ऑपरेशन नीलकंठ को सफल बनाने के लिए सामाजिक संगठनों की भूमिका को सराहा। सामाजिक कार्यकर्ता भूरमल सोनी, सीए प्रणाम, भंवर पुरोहित आदि मौजूद रहे।