भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) में कर्मचारियों का वेतन रोकने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट जज मुन्नारी लक्ष्मण की एकलपीठ ने रोडवेज के प्रदेशभर के डिपो में कार्यरत करीब 150 कर्मचारियों से 30 दिन तक काम लेने के बावजूद पिछले 5 महीनों से वेतन नहीं देने के मामले में निगम प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। ये मामला भारतीय मजदूर संघ से जुड़े श्रम संगठन राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेडरेशन की ओर से दायर याचिका में उठाया गया। याचिका में आरोप लगाया गया कि कर्मचारियों से नियमित काम लिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। 10 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान निगम की ओर से अधिवक्ता राजपाल धनकड़ उपस्थित हुए और नोटिस स्वीकार किया। कोर्ट ने निगम को 20 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान निगम पक्ष ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली तारीख 20 अप्रैल तय की है। इधर, लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह आदेश राहत भरा माना जा रहा है। अब निगाहें 20 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब निगम को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।