बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में बुधवार रात मलकीसर पम्पिंग स्टेशन की बिजली आपूर्ति बाधित होने से कंवरसेन लिफ्ट नहर में पानी का दबाव बढ़ गया। नहर को टूटने से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने मोखमपुरा के एस्केप चैनल में अतिरिक्त पानी छोड़ा, लेकिन तेज बहाव से चैनल टूट गया। इससे करीब 500 बीघा जमीन जलमग्न हो गई, करीब कई किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। मोखमपुरा जाने वाली सड़क का करीब 80 फीट हिस्सा बह गया। शुक्रवार सुबह 6:44 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद एस्केप बंद किया गया, लेकिन तब तक पानी खेतों में फैल चुका था। बिजली गुल होने से नहर का दबाव बढ़ा, एस्केप चैनल टूटा जानकारी के अनुसार, लूणकरणसर क्षेत्र में बुधवार रात करीब 1:30 बजे मलकीसर पम्पिंग स्टेशन की 33 केवी बिजली लाइन में फॉल्ट आने से पानी लिफ्ट करने वाली मोटरें बंद हो गईं। गुरुवार सुबह 7 बजे तक बिजली नहीं आने से कंवरसेन लिफ्ट नहर में पानी का दबाव बढ़ गया। नहर को टूटने से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने मोखमपुरा स्थित 196 आरडी एस्केप चैनल में करीब 500 क्यूसेक पानी छोड़ा, लेकिन तेज बहाव से एस्केप चैनल टूट गया। इससे 15 से 20 मुरब्बे कृषि भूमि जलमग्न हो गई और करीब दो दर्जन किसानों की फसलें खराब होने की आशंका है। फसलें डूबीं, ट्यूबवेल-डिग्गियां भी क्षतिग्रस्त शुक्रवार सुबह 6:44 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद एस्केप बंद किया गया, लेकिन तब तक पानी खेतों में फैल चुका था। मूंगफली, नरमा समेत खरीफ की फसलों में पानी और मिट्टी भर गई। खेतों में बनी डिग्गियां, ट्यूबवेल और नए खाल भी क्षतिग्रस्त हो गए। प्राथमिक जानकारी के अनुसार पांच ट्यूबवेल और तीन डिग्गियों को नुकसान पहुंचा है। 80 फीट सड़क बही, किसानों ने दिनभर की मशक्कत तेज बहाव से राष्ट्रीय राजमार्ग से मोखमपुरा जाने वाली डामर सड़क का करीब 80 फीट हिस्सा बह गया, जिससे गांव का संपर्क प्रभावित हो गया। मलकीसर क्षेत्र में अब भी पानी जमा है और आवागमन बाधित बना हुआ है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने जेसीबी मशीनों से सड़क की मरम्मत शुरू की, जबकि किसानों ने अपने घर और कृषि उपकरण बचाने के लिए दिनभर मशक्कत की। कई विभाग मौके पर पहुंचे, मरम्मत शुरू घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग, महाजन नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी, सार्वजनिक निर्माण विभाग और कृषि विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पंचायत प्रशासक रामस्वरूप बिरठ भी राहत कार्य में जुटे रहे। प्राथमिक जांच में पुल के नीचे बने आठ पाइप मिट्टी और अन्य अवरोधों से बंद मिलने के कारण जलभराव बढ़ने और सड़क के ऊपर से पानी बहने की बात सामने आई। अधिशासी अभियंता रामस्वरूप साहू ने बताया कि एस्केप चैनल की मरम्मत के लिए दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और तीन ट्रैक्टर लगाए गए हैं। देर शाम तक करीब 80 प्रतिशत मरम्मत पूरी हो चुकी थी। पानी उतरने के बाद फसलों और अन्य नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।