कृषि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने और अनुसंधान के निष्कर्षों को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू), बीकानेर और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (सीसीएसएचएयू), हिसार ने साझा पहल की है। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को आपसी सहयोग के जरिए ज्ञान एवं अनुभव साझा करने के नए अवसर मिलेंगे। हिसार में हुए समझौते पर एसकेआरएयू के कुलगुरु डॉ.आरबी दुबे और सीसीएसएचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों संस्थान शैक्षणिक संसाधनों, वैज्ञानिक विशेषज्ञता, अनुसंधान सुविधाओं और शिक्षकों के अनुभव का परस्पर उपयोग कर सकेंगे। समझौते का एक प्रमुख उद्देश्य कृषि अनुसंधान और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करना है। दोनों विश्वविद्यालय अपनी विशेषज्ञता और उपलब्ध सुविधाओं का साझा उपयोग कर कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर सकेंगे। अनुसंधान गतिविधियों में सहयोग से विकसित ज्ञान और तकनीकों को किसानों के हित में उपयोग करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर एसकेआरएयू के अनुसंधान निदेशक डॉ. एनके शर्मा ने बताया कि इस समझौते के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच फैकल्टी और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम संचालित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, दोनों संस्थानों के एडवाइजरी बोर्ड के सदस्यों के बीच भी सहयोग स्थापित किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अलग-अलग शैक्षणिक वातावरण में सीखने, नई तकनीकों को समझने और अनुसंधान संबंधी अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।