प्रदेश का 2027 का बजट बनना अभी प्रारंभिक चरण में है। लेकिन सीएस वी श्रीनिवास के स्तर से 100 दिन पहले ही सत्र की प्लानिंग शुरू कर दी है। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सभी आईएएस को लंबित सवालों के जवाब 30 दिन में देने के आदेश दिए थे। उसकी पालना नहीं की गई। इस कारण विधानसभा में विधायकों द्वारा लगाए सवालों के जवाबों को लेकर ब्यूरोक्रेसी ने अलग प्लान तैयार किया है। मुख्य सचिव खुद ने इस बार कमान हाथ में ली है। मुख्य सचिव ने 40 विभागों के आईएएस को अगले 15 दिन में 1500 सवालों के जवाब विधानसभा भेजने का टास्क दिया है। ऐसा नहीं करने पर विभाग प्रमुखों को विधानसभा को जवाब देना होगा। उनको सीधे स्पीकर के सामने या विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ समिति के समक्ष पेश होना होगा। 2777 सवालों के जवाब नहीं भेजे विभागों ने अब तक विधानसभा में लगाए गए 2777 सवालों के जवाब विभागों की तरफ से विधानसभा को नहीं भेजे गए हैं। अब इन सभी करीब 3000 सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों के जवाब सत्र से पहले भिजवाने की जिम्मेदारी सीएस ने ली है। 30 दिन के नियम की पालना नहीं विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमों के नियम 307 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत अध्यक्ष के निर्देश संख्या 15 के बिंदु संख्या 21 में प्रावधान है कि विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने पर राज्य सरकार द्वारा 30 दिवस की अवधि में संबंधित प्रश्नों एवं प्रस्तावों के उत्तर विधानसभा सदस्यों और राजस्थान विधानसभा सचिवालय को भेजे जाने हैं।