भास्कर न्यूज | बाड़मेर अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति का आंदोलन मंगलवार को 23वें दिन एक बड़े जनआंदोलन में तब्दील हो गया। नर्सिंग कर्मियों ने जिला मुख्यालय पर एक ऐतिहासिक महा रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में नर्सिंग कर्मियों के साथ उनके परिजन, विभिन्न कर्मचारी संगठन, सामाजिक संस्थाएं और बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की चुप्पी पर कड़ा रोष जताया। संयोजक जसराज सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर सेवा करने वाले नर्सेज आज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर हैं, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। वार्ता शुरू नहीं की, तो नर्सिंग कर्मी आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। सेवा से हटाए गए नर्सिंग कर्मियों की तत्काल बहाली हो, स्थायी नर्सिंग भर्ती मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर आयोजित हो, दिवंगत नर्सिंग कर्मी दीपक के परिजनों को आर्थिक मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी मिले। राजकीय चिकित्सालय से शुरू हुई रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान नर्सेज ने पूरी तरह से अनुशासित रहकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। शहरवासियों ने भी जगह-जगह रैली का स्वागत कर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।