^आरडीएसएस योजना के तहत बाड़मेर में 29,903 में 4,305 कनेक्शन हुए हैं, जबकि 2,000 कनेक्शन दीपावली तक होंगे। बालोतरा में 1200 घरेलू कनेक्शन हो चुके है, 2,500 पाइपलाइन में है जो जल्द जारी किए जाएंगे। धरती आभा में 4,449 के मुकाबले 3,661 कनेक्शन किए गए है। योजना के तहत कनेक्शन के लिए किसी भी बिचौलियों को भुगतान न करें। सीधे डिस्कॉम के संबंधित एईएन कार्यालय में 500 रुपए की राशि जमा करावें और रशीद प्राप्त करें। - प्रतापराम विश्नोई, एक्सईएन आरडीएसएस बाड़मेर। शैलेश वासु | बाड़मेर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आरडीएसएस योजना कागजों और दावों तक सिमटकर रह गई है। बाड़मेर व बालोतरा जिलों में वर्क ऑर्डर जारी होने के 11 महीने बीत जाने के बाद भी प्रगति महज 16.37 प्रतिशत है। हालात यह हैं कि 56006 से अधिक ढाणियों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक बमुश्किल 9166 कनेक्शन ही हो पाए हैं। सुस्त रफ्तार और प्रशासनिक लापरवाही के बीच अब डिस्कॉम को फील्ड में अवैध वसूली रोकने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है। बाड़मेर व बालोतरा में टर्नकी आधार पर इंडिया कमर्शियल प्राइवेट लिमीटेड व प्रताप टेक्नो लिमीटेड जिस सुस्त और लचर रफ्तार से काम कर रही है, उससे तय समय सीमा के भीतर हर घर को रोशन कर पाना लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है। वर्षों से ढिबरी और दीये की रोशनी में जीवन बिताने वाले गरीब परिवारों का इंतजार और लंबा होता जा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट धरातल पर कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। ​​{ धरती आभा योजना: इस योजना के तहत दोनों जिलों में 4,449 के मुकाबले 3,661 घरेलू कनेक्शन हो पाए हैं, जिससे अभी भी कई परिवार इस लाभ से वंचित हैं। फर्जीवाड़े की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक्सईएन आर डीएसएस प्रतापराम विश्नोई ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। स्पष्ट किया गया है कि 1 अप्रैल 2019 से 30 सितंबर 2024 तक आवेदन करने वाले उपभोक्ता आर डीएसएस योजना के किसी भी आवेदन शुल्क या संबंधित मांग पत्र की राशि केवल संबंधित डिस्कॉम एईएन कार्यालय के कैश काउंटर पर ही जमा करवाकर पक्की रसीद प्राप्त करें। ​{ बाड़मेर की स्थिति: सामान्य श्रेणी में चयनित 29,903 उपभोक्ताओं में से महज 4,305 कनेक्शन हुए हैं, जबकि 2,000 कनेक्शन के लिए पोल खड़े किए गए हैं। इनमें से भी केवल 1,400 कनेक्शन की कंप्लेंश प्रोसेस में है। रामसर, फागलिया, सेड़वा,चाडार मदरूप, चाडी, गागरिया और चौहटन के आसपास छिटपुट काम हुआ है। 14 अक्टूबर 2025 को वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद संबंधित निजी एजेंसी को 15 महीने के भीतर काम पूरा करना था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिलकुल उलट है। बाड़मेर और बालोतरा की 56,006 ढाणियों में उजियाला फैलाने के लिए 182 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट स्वीकृत हुआ था। 5 ढाणियों के समूह के लिए 16 केवीए ट्रांसफार्मर, पोल और तार बिछाने पर औसतन 2.5 लाख रुपए यानी 50 हजार रुपए प्रति कनेक्शन खर्च का प्रावधान है। इसके बावजूद, सुस्त कार्यशैली के कारण बाड़मेर जिले में 29903 ढाणियों के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 4305 कनेक्शन ही हो पाए हैं। ​​{ बालोतरा का हाल: यहां 21,654 ढाणियों को रोशन किया जाना है, लेकिन अब तक महज 1,200 कनेक्शन ही हो सके हैं। हालांकि 2,500 कनेक्शन के लिए आर डीएसएस की ओर से पोल जरूर खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन इनमें से मात्र 250 की कंप्लीशन डिस्कॉम कार्यालय में दी गई है।