बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार दोपहर 1 बजे रिफाइनरी पहुंचे। यहां उन्होंने लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव वी श्री निवास, डीजीपी राजीव शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, मंत्री केके विश्नोई, मंत्री जोराराम कुमावत, विधायक अरूण चौधरी, विधायक हमीरसिंह भायल, जिलाध्यक्ष भरत मोदी मौजूद रहे। रिफाइनरी राजस्थान के गौरव का प्रतीक-CM मुख्यमंत्री ने कहा- यह रिफाइनरी राजस्थान के गौरव का प्रतीक है। इसके शुरू होने से पश्चिमी राजस्थान सहित पूरे प्रदेश की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। प्रधानमंत्री स्वयं इस प्रोजेक्ट की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं और चुनाव की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने राजस्थान को यह बहुमूल्य समय दिया है। उन्होंने कहा, "पिछले दो वर्षों में यह मेरा तीसरा दौरा है। रिफाइनरी के साथ यहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे, जिससे रोजगार के अपार अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को भारी संख्या में जुटने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ तीन दिनों तक क्षेत्र में रहकर व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे। 28 फरवरी को अजमेर आए थे मोदी पीएम मोदी पिछले दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। इससे पहले मोदी 28 फरवरी 2026 को अजमेर दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से प्रदेश में 16,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था और 21 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यास पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ था। उस समय तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37,230 करोड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2018 को फिर से इसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया। इस समय इसकी लागत बढ़कर 43 हजार 129 करोड़ रुपए हो गई थी। इसका काम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। भजनलाल सरकार में कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। इसके बाद इसकी लागत बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए हो गई है। रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। बीएस-6 मानक और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज रिफाइनरी पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। यहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज परियोजना है, यानी क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान किसी भी तरह का तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा। यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
9 मिलियन टन रिफाइन क्षमता, अरब देशों से आएगा क्रूड पचपदरा रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है। साथ ही यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स भी स्थापित किया गया है। रिफाइनरी के लिए कुल 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा, जबकि प्रदेश में उत्पादित करीब 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग किया जाएगा। 12 किमी नई रेल लाइन बिछेगी करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस रिफाइनरी से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और बायो-प्रोडक्ट्स के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। कुछ महीने पहले ही इसका सर्वे हुआ था। बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी साइट तक करीब 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन एचआरआरएल की ओर से बिछाई जाएगी।