राजस्थान की पहली पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण की तैयारियां अब अंतिम दौर में हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को करीब दोपहर 12 बजे रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। करीब दो घंटे कार्यक्रम में रहने के बाद दोपहर 2 बजे जोधपुर के लिए रवाना होंगे। हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम और आधिकारिक घोषणा जारी नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं और कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तैयार प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल से लेकर आसपास के पूरे इलाके की सुरक्षा की माइक्रो प्लानिंग की गई है। पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटे हैं। रिफाइनरी के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होर्डिंग और कटआउट भी लगाए जाने शुरू हो गए हैं। आज प्रदेशाध्यक्ष, कल सीएम करेंगे समीक्षा कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गुरुवार को पचपदरा पहुंचेंगे। वे तैयारियों की समीक्षा करने के साथ कार्यकर्ताओं की बैठक भी लेंगे। इसके बाद 3 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पचपदरा पहुंचकर तैयारियों की अंतिम समीक्षा करेंगे। इससे पहले 28 जून को भी मुख्यमंत्री अधिकारियों से तैयारियों का फीडबैक ले चुके हैं। साइकिल रैली से देंगे पर्यावरण बचाने का संदेश लोकार्पण समारोह के साथ प्रदेश सरकार ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी। योजना के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी पचपदरा से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी तक साइकिल रैली में शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर ई-वाहनों और साइकिलों के लिए अलग ग्रीन पार्किंग भी बनाई जाएगी। जिले में लगाए जाएंगे 2.51 लाख पौधे प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को पर्यावरण अभियान से जोड़ते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में 2 लाख 51 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। हर ग्राम पंचायत में 500 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा नगर निकाय क्षेत्रों, स्कूलों, सरकारी ऑफिसों, सार्वजनिक जगहों, पंचायत परिसरों और चारागाह जमीन पर भी पौधारोपण किया जाएगा। हर पौधे की जियो टैगिंग की जाएगी, ताकि उसकी निगरानी और देखभाल की जा सके। करीब 5 हजार लोग होंगे शामिल रिफाइनरी परिसर में इन दिनों अधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हैं। समारोह में अब सिर्फ दो दिन का समय बचा है। सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हैं। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम में सीमित लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर करीब 5 हजार लोगों के मौजूद रहने की संभावना है। जो लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकेंगे, उनके लिए जिला मुख्यालय सहित जिले के गांवों और शहरों में एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मौके को देख सकें।