पाली में मरने के बाद स्कूल के बाबू पर 51 लाख के घोटाले का केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि उसने स्कूल के रिकार्ड्स को आग लगाई और इसके बाद फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। कोर्ट के आदेश के बाद करीब एक महीने बाद कोतवाली थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट का आरोप है कि जब उससे रुपए मांगे जाने लगे तो उसने सबूत मिटा कर जान दे दी। मामला 24 जून का है, FIR मंगलवार को दर्ज हुई है। अब पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र सिंह खींची ने बताया- कोर्ट के आदेश पर मंगलवार शाम राघवेन्द्र (30) पुत्र एसएन शर्मा पर FIR दर्ज की गई है। पाली के सर्किट हाउस रोड स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल में 51.24 लाख रुपए के घोटाले का आरोप है। युवक ने इसी स्कूल में 24 जून की रात को सुसाइड कर लिया था। इसके बाद 25 जून की सुबह स्कूल से धुआं उठता नजर आया तो मामले का खुलासा हुआ। मौके पर स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगी थी। इसमें रखे डॉक्युमेंट्स भी जल गए थे। मामले में जांच की जा रही है।
अब पढ़िए 24-25 जून को क्या हुआ था… स्टाफ से कहा था- स्कूल में ही रुकूंगा, कुछ काम है राघवेंद्र इसी स्कूल में पहले शिक्षक था। बाद में उसे ऑफिस के काम में लगा दिया गया था। 24 जून की शाम राघवेंद्र शाम को घर आया इसके बाद 8:30 से 9 बजे के बीच दोबारा स्कूल पहुंचा था। उसने स्कूल स्टाफ से कहा था कि वह रात में स्कूल में ही रुकेगा और वहीं सोएगा। 25 जून की सुबह उसकी पत्नी ने उसे फोन किए। जब कॉल नहीं उठा तो उसकी पत्नी राघवेंद्र को देखने स्कूल की तरफ आ गई। उसे स्कूल से धुआं उठता दिखाई दिया। सुबह फंदे पर लटका मिला इस पर उसने लोगों को सूचना दी। डिस्कॉम को फोन करके स्कूल की बिजली सप्लाई बंद करवाई गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम पहंची तो पता चला कि स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगी है। इसके बाद टीम ने कुछ देर बाद आग पर काबू पा लिया। रिकॉर्ड रूम में रखा सामान और वहां लगा डीवीआर जल चुका था। आग बुझाने के दौरान जब दमकलकर्मी स्कूल के हॉल की तरफ तो स्कूल का बाबू राघवेंद्र फंदे से लटका हुआ था। दमकलकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। अब पढ़िए FIR में क्या आरोप लगे… 51 लाख से ज्यादा का घोटाला करने के आरोप कोतवाल रविंद्र सिंह खिंची ने बताया - स्कूल में आगजनी और आत्महत्या के मामले में स्कूल प्रबंधन ने राघवेंद्र शर्मा को जिम्मेदार बताया है। प्रबंधन की ओर से करीब एक महीने बाद कोर्ट के माध्यम से FIR दर्ज करवाई गई है। कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में आरोप लगाया गया है कि राघवेंद्र शर्मा ने स्कूल के एचडीएफसी बैंक खाते से 51 लाख 24 हजार 983 रुपए अपने निजी खाते में ट्रांसफर किए थे। रिपोर्ट के अनुसार छुट्टियों के दौरान 17 मई से 20 जून के बीच यह राशि ट्रांसफर की गई। इसके बाद रकम को अन्य खातों में भेज दिया गया। हिसाब मांगा तो आग लगाई, सुसाइड किया स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि जब राघवेंद्र से पैसों का हिसाब मांगा जाने लगा तो उसने सबूत मिटाने के लिए स्कूल के रिकॉर्ड रूम सहित अन्य जगहों पर आग लगा दी। आग में स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, CPU, CCTV कैमरे और DVR जलकर नष्ट हो गए। इसके बाद राघवेंद्र ने फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। अनुभव स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष कुशल चंद (85) की ओर से कोर्ट में इस्तगासा पेश किया गया था। पासवर्ड मांगा था FIR के अनुसार 24 जून को स्कूल के एक सहकर्मी ने राघवेंद्र से ईमेल का पासवर्ड मांगा था। आरोप है कि उसने सही पासवर्ड देने के बजाय जानबूझकर गलत पासवर्ड वॉट्सऐप कर दिया। इसके बाद वह रात को स्कूल पहुंचा और अस्थायी गार्ड किशन को घर भेज दिया। उसने कहा कि उसे जरूरी काम निपटाना है। अगले दिन 25 जून सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल के ऑफिस में आग लगने की सूचना मिली। आग से प्रिंसिपल कक्ष, राघवेंद्र का केबिन, रिकॉर्ड रूम और विजिटर हॉल जल गए। अपराध प्रमाणित होने पर भी वसूली संभव नहीं मामले में एडवोकेट लादूराम मेवाड़ा ने बताया- पुलिस जांच में यदि अपराध प्रमाणित भी पाया जाता है तो भी बफौदगी मुल्जिम FIR नतीजा पेश किया जाएगा। क्योंकि आरोपी की मौत हो चुकी है। जिससे पीछे कोई शेष कार्रवाई नहीं बचती और न ही न्यायालय आगे कोई कार्रवाई करेगा। ---------------- घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … प्रिंसिपल से परेशान बाबू ने आत्महत्या की:20 पेज का सुसाइड नोट लिखकर स्कूल में फंदे से लटका, परिजन बोले- हत्या के बाद शव लटकाया पाली के एक प्राइवेट स्कूल में बाबू ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुबह पत्नी ने फोन किया तो बाबू ने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद पत्नी स्कूल पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। पूरी खबर पढ़िए