उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में सेटबैक छोड़ने की बात को लेकर 3 युवकों ने अपने पड़ोसी बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना बीती देर रात शहर के ओस्तवाल नगर की है। जहां फाइनेंसर सागरमल मेहता (68) निवासी खेरोदा की हत्या कर दी गई। घटना के बाद आज सुबह से ही समाजजन बड़ी संख्या में एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। परिजन और रिश्तेदार मुख्य आरोपी का अवैध मकान ध्वस्त करने, तीनों आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़ गए। गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन और यूडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि शिकायत के बावजूद यूडीए ने अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया। आरोपी का अवैध निर्माण वाला हिस्सा किया ध्वस्त इधर, प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और यूडीए तहसीलदार विजय रेगर से आरोपी के अवैध निर्माण को आज ही ध्वस्त करने की मांग की गई। लोगों ने कहा कि अगर निर्माण ध्वस्त नहीं किया तो वे शव नहीं उठाएंगे। इसके बाद यूडीए को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा। दोपहर करीब 2:30 बजे आरोपी के अवैध निर्माण वाले हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। CI का शव ले जाने से रोका तो पुलिस ने मुश्किलों से हटाया हॉस्पिटल मोर्चरी में एक तरफ बुजुर्ग की हत्या के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। वहीं, दूसरी तरफ CI के शव की पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर शव ले जाने तैयारी चल रही थी। एम्बुलेंस जैसे ही शव लेकर आगे की ओर बढ़ी। तभी प्रदर्शन कर रहे लोग एम्बुलेंस के आगे खड़े हो गए और रोकने का प्रयास किया। इससे माहौल और गर्मा गया। वहां मौजूद थानाधिकारी आदर्श कुमार, मुकेश सोनी, भरत योगी, रविन्द्र चारण आदि ने भीड़ को मुश्किलों से हटाकर दूर किया। इस पर लोग भड़क गए और पुलिस पर धक्का मारने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। पिता को इतना मारा कि पसलियां-श्वास नली तोड़ दी: बेटी मृतक की बेटी प्रीति मेहता ने बताया कि प्रवीण सिंह राव अवैध रूप से मकान बना रहा था। मेरे पिता ने कानूनी कार्रवाई की और उसमें पिता जीत चुके थे। इसके बाद भी वह नहीं रुका और मकान बनाता रहा। मेरे पिता को प्रवीण, अनुराग और एक अन्य युवक ने मिलकर बुरी तरह मारा। लात-घूसों से सिर, चेहरा और नाक पर मारा। जिससे पिता की श्वास नली टूट गई और छाती में पसलियां टूट गई। इससे पहले भी प्रवीण सिंह हमें मारने की धमकियां दे चुका है। वह अपने दोनों साथियों को मारने की नियत से ही साथ लाया था।