पाली के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) नंबर 6 के संचालन को लेकर विवाद सामने आया है। CETP फाउंडेशन के सचिव संदीप मेहता ने ठेका कंपनी वेंसर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के 6 कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में प्लांट के डिजिटल कंट्रोलिंग कार्ड गायब करने, सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने और CCTV DVR चोरी करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, प्लांट बंद होने से करीब 450 कपड़ा रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों के प्रदूषित पानी का उपचार रुक गया है और फाउंडेशन को 15 से 17 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। टेकओवर के दौरान कंट्रोलिंग कार्ड गायब मिले थानाप्रभारी कपूराराम ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, वेंसर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड का प्लांट संचालन का अनुबंध 19 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद 20 अक्टूबर को CETP के पदाधिकारियों ने प्लांट का टेकओवर करने के लिए निरीक्षण किया। इस दौरान कम्प्यूटरीकृत स्टीम बॉयलर और मल्टीइफेक्ट इवैपोरेटर (MEE) सिस्टम के डिजिटल कंट्रोलिंग कार्ड गायब मिले। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि दोनों सिस्टम के सॉफ्टवेयर से अनधिकृत छेड़छाड़ कर उन्हें पूरी तरह करप्ट कर दिया गया। साथ ही, साक्ष्य मिटाने की नीयत से प्लांट परिसर से CCTV का DVR भी चोरी कर लिया गया। प्लांट बंद होने से 450 फैक्ट्रियों पर असर शिकायत के अनुसार, प्लांट के अचानक बंद होने से CETP फाउंडेशन को करीब 15 से 17 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, पाली की लगभग 450 कपड़ा रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों के प्रदूषित पानी का उपचार पूरी तरह रुक गया है। इससे इन औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। प्लांट बंद रहने के कारण अनुपचारित पानी का निर्वहन होने पर जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के उल्लंघन की आशंका भी जताई गई है। 6 कर्मचारियों समेत अन्य के खिलाफ केस पुलिस ने शिकायत के आधार पर रचित अग्रवाल, दीपक कुमार, आशीष चौधरी, आदित्य चौधरी, जगदीश और नदीम सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। इस विवाद में इससे पहले वेंसर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से भी सदर थाने में CETP पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।