पाली के महावीर नगर स्थित श्री जिन कुशल कांति आराधना भवन में जैन तीर्थ गिरनार का मिनी मॉडल तैयार किया गया है। यहां श्रद्धालु अपने भावों से सहजानंदी गिरनार भाव नव्वाणु यात्रा का लाभ ले रहे हैं। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस यात्रा में हजारों सीढ़ियां चढ़नी और उतरनी पड़ती हैं, इसलिए उम्रदराज लोगों के लिए इसे पूरा करना कठिन होता है। इसी को देखते हुए 17 दिन में मिनी गिरनार का मॉडल बनाया गया। 27 अक्टूबर से शुरू हुई यह यात्रा 23 नवंबर तक चलेगी। यहां रोजाना करीब 350 श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुनि सागर बोले- उम्रदराज लोगों के लिए यात्रा करना कठिन मिनी गिरनार मॉडल को लेकर मुनि प्रशम सागर ने बताया कि जैन तीर्थों में सहजानंदी गिरनार भाव नव्वाणु यात्रा का बड़ा धार्मिक महत्व है। यात्रा का रास्ता कठिन है। इसमें करीब 4 हजार सीढ़ियां उतरनी और 4 हजार सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। ऐसे में उम्रदराज लोगों के लिए यह यात्रा करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि जब यह समस्या सामने आई तो पाली में मिनी गिरनार यात्रा का मॉडल बनाने का विचार आया। जैन समाज में भावों का विशेष महत्व है। इसी को ध्यान में रखकर यहां गिरनार का पूरा मॉडल बनाया गया, ताकि श्रद्धालु अपने भावों से यात्रा का लाभ ले सकें। 68 साल के जगदीश छाजेड़ अधूरी यात्रा पूरी कर रहे जगदीश छाजेड़ (68) बताते हैं कि वे गिरनार यात्रा पर गए थे, लेकिन उम्र के चलते शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण पूरी यात्रा नहीं कर पाए। अब पाली के मिनी गिरनार में आकर वे अपनी अधूरी यात्रा पूरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैन समाज में गिरनार यात्रा का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि प्रभु नेमीनाथ को गिरनार में मोक्ष प्राप्त हुआ था और 24 तीर्थंकरों का भी यहां मोक्ष होगा। 21 युवाओं की टीम ने 17 दिन में तैयार किया मॉडल रंकित धारिवाल के अनुसार, करीब 21 युवाओं की टीम ने 10 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक मिनी गिरनार का मॉडल तैयार किया। इसे बनाने में थर्माकॉल, लकड़ी और टेंट के सामान का इस्तेमाल किया गया। पाली में यह यात्रा 27 अक्टूबर से शुरू हुई, जो 23 नवंबर तक चलेगी। रोजाना करीब 350 आराधक यहां पहुंचकर दो घंटे में मिनी गिरनार की यात्रा कर रहे हैं। हर आराधक 108 यात्रा करेगा। मॉडल बनाने में बंशीधर, बाबूलाल, जगदीशचंद, प्रेम प्रकाश, रतनलाल, सोहनलाल, भूरचंद, पवनकुमार, समस्त ट्रस्ट मंडल, ललित, अक्षय, विनय, अक्षत, प्रथम, राजू, प्रदीप, प्रवीण, आकाश और समस्त Kyup मंडल का सहयोग रहा। मिनी गिरनार में इन तीर्थ स्थलों के मॉडल बनाए मिनी गिरनार मॉडल में तलेटी आदेश्वर भगवान, जय तलेटी, दादा गुरुदेव, अम्बिका माता, नेम दरबार, आदेश्वर भगवान, गजपथ कुंड, अमिझरा पार्श्वनाथ, राजूल की गुफा, समवशरण मंदिर, दीक्षा कल्याणक और केवलज्ञान कल्याणक के मॉडल बनाए गए हैं।