पाली में अधिकमास नगर परिक्रमा के 50 साल पूरे होने पर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सोमवार को कथा व्यास की गली स्थित परिक्रमा कार्यालय में हुई बैठक में पंडित शंभूलाल शर्मा को मुख्य संयोजक, प्रदीप कच्छवाह को अध्यक्ष और कैलाश टवानी को सचिव चुना गया। बैठक में पिछले अधिकमास की परिक्रमा का आय व्यय भी प्रस्तुत किया गया। इस साल 18वीं नगर परिक्रमा आयोजित होगी और संस्थान का नाम बदलने का निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से कार्यकारिणी का गठन पाली अधिकमास परिक्रमा की बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। कोषाध्यक्ष कैलाश टवानी ने पिछली परिक्रमा का आय व्यय प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्हें सचिव का दायित्व सौंपा गया और कोषाध्यक्ष का कार्यभार शांतिलाल सोनी को दिया गया। नई कार्यकारिणी में कई पदों पर नियुक्ति गठित कार्यकारिणी में मुख्य संयोजक पंडित शंभूलाल शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह, सचिव कैलाश टवानी, कोषाध्यक्ष शांतिलाल मंडोरा और कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास बनाए गए। इसके अलावा संरक्षक संत सुरजनदास महाराज, सोनाराम पटेल, मदन राठौड़, भीमराज भाटी, परामर्शदाता जोराराम पटेल, भंवर चौधरी, धनराज कारगवाल, रामरतन बजाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामगोपाल खेतावत, विजयराज सोनी, अंबालाल सोलंकी, देवीलाल सांखला, सुरेश काबरा शामिल हैं। उपाध्यक्ष के रूप में दिलीप जोशी, नरेन्द्र माच्छर, नरेन्द्रसिंह राजपुरोहित, महेन्द्र बजाज और श्याम अरोड़ा को जिम्मेदारी दी गई। ध्वज प्रमुख गिरीराज अरोड़ा, भोजनशाला स्टोर इंचार्ज हुक्मीचंद कच्छवाहा, कार्यालय सह सचिव पीयूष शर्मा, भजन संध्या प्रमुख राकेश लिम्बा और नेमीचंद देवड़ा नियुक्त किए गए। संयुक्त सचिव अरविंद गुप्ता, भोजन कूपन प्रमुख नवरतन गर्ग, राजेश बिंदल, विष्णु गुप्ता और प्रचार के लिए सुनील लोहिया व दिनेश हेड़ा को जिम्मेदारी दी गई। संस्थान का नाम बदला, 18वीं परिक्रमा होगी बैठक में निर्णय लिया गया कि इस साल से संस्था का नाम पाली अधिकमास धरमार्थ सेवा संस्थान रखा जाएगा। अब तक 17 परिक्रमा हो चुकी हैं और इस बार 18वीं नगर परिक्रमा आयोजित की जाएगी। अधिकमास हर तीन साल में एक बार आता है, जिसके दौरान यह परिक्रमा आयोजित की जाती है।