शहर के नया गांव में सरकारी स्कूल के सामने स्थित मोक्षधाम सेवा समिति श्मशान घाट की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। श्मशान घाट के अधिकतर हिस्से में सालभर पानी भरा रहता है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं और पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। पानी भरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार लोग यहां फिसलकर गिर भी चुके हैं। उनका कहना है कि समस्या पिछले पांच-छह साल से बनी हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत करवाने के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ है। सालों से समस्या, लेकिन सुनवाई नहीं मोहल्ले के सम्पतराम बावरी ने बताया- श्मशान घाट के पास ही नाड़ी है और जलदाय विभाग का नाला भी निकलता है। इनसे पानी का रिसाव होकर श्मशान घाट की जमीन में जमा होता रहता है। इसके अलावा आसपास की बस्तियों का गंदा पानी भी यहां आकर भर जाता है। इस कारण श्मशान घाट के बड़े हिस्से में पानी जमा रहता है। उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश में अंतिम संस्कार करना भी चुनौती मोहल्ले के छोगाराम देवासी ने बताया- बरसात के मौसम में श्मशान घाट के हालात और खराब हो जाते हैं। परिसर में पानी भरने से अंतिम संस्कार के लिए शव को अंदर तक ले जाना भी चुनौती बन जाता है। पानी के कारण कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। ऐसे में यहां आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाला बने और मिट्टी डले तो मिले राहत स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट से पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण करवाया जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है। इसके साथ ही जिन हिस्सों में पानी भरा रहता है, वहां मिट्टी डलवाकर जमीन का स्तर ऊंचा किया जाए। इससे पानी जमा होने की समस्या कम हो सकती है। सबसे गंभीर परेशानी उस जमीन को लेकर है, जहां बच्चों को दफनाया जाता है। इस हिस्से में भी पानी भरा रहने से बच्चों को दफनाने में काफी दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट में पानी की निकासी और जमीन को ऊंचा करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि सालों पुरानी समस्या से राहत मिल सके।