राज्य सरकार द्वारा राजशाला संबलन के तहत निजी स्कूलों के लिए जारी नए निरीक्षण दिशा-निर्देशों के विरोध में बुधवार को पाली जिले के अधिकतर निजी विद्यालय बंद रहे। जिला निजी शिक्षण संस्थान के आह्वान पर आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक बंद के दौरान शहर में आक्रोश रैली निकाली गई। जिला कलेक्टर को राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। बोले- नए आदेश अनावश्यक जिला निजी शिक्षण संस्थान के जिलाध्यक्ष प्रदीप दवे ने बताया कि सरकार के नए आदेश अव्यावहारिक, अनावश्यक और अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी 10 दिनों में सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा- स्कूलों पर बोझ बढ़ रहा संस्थान के सचिव पुखराज शर्मा ने कहा कि फीस विनियमन, आरटीई, पीटीए और एसएलएफसी (SLFC) से जुड़ी अधिकांश जानकारियां पहले से ही पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बार-बार नए प्रारूपों में सूचनाएं मांगी जा रही हैं, जिससे विद्यालयों पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बढ़ रहा है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी ने बताया कि आक्रोश रैली लोढ़ा स्कूल से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली में हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया और वादा नहीं भुगतान चाहिए, शिक्षा मंत्री होश में आओ और निजी शिक्षण संस्थानों पर हो रहे अत्याचार बंद करो जैसे नारे लगाए। इन मुद्दों पर है आपत्तियां पाठ्यपुस्तकों और यूनिफॉर्म संबंधी प्रश्न वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाते। अधिकांश सूचनाएं पहले से ही विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध हैं। विभाग द्वारा पहले से वार्षिक पोर्टल आधारित निरीक्षण किया जाता है, फिर बार-बार निरीक्षण की आवश्यकता क्यों? अतिरिक्त निरीक्षणों से शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे। आरटीई प्रतिपूर्ति का भुगतान अब तक नहीं हुआ, जबकि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग तीन महीने बीत चुके हैं। ये रहे मौजूद संयोजक हिम्मत सिंह, दलपत सिंह और भीम सिंह ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता के पक्षधर हैं, लेकिन ऐसे प्रावधानों का विरोध करते हैं जिनसे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो। आंदोलन के समर्थन में पाली शहर एवं जिले के आरबीएसई और सीबीएसई से संबद्ध अधिकांश निजी विद्यालय बंद रहे। आक्रोश रैली में हरवंश दवे, राजेंद्र आर्य, भीम सिंह, नारायण सिंह, भूपेंद्र सिंह, प्रवीण दाधीच, रमाकांत मिश्रा, अशोक जोशी, भरत निम्बार्क सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।