पाली शहर के रामलीला मैदान में मंगलवार शाम 6:41 बजे रावण दहन किया गया। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले महज 4 मिनट में जलकर धराशायी हो गए। इसके बाद करीब 45 मिनट तक आतिशबाजी हुई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। श्रीराम की भूमिका निभाने वाले कलाकार के साथ देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, सांसद पीपी चौधरी और विधायक भीमराज भाटी ने बटन दबाकर रावण दहन की शुरुआत की। कार्यक्रम में महापौर नमिता बुबकिया, कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, एसपी मोनिका सेन, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी और पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस बार पुतलों को सब्जी मंडी की दीवार के पास लगाया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर आमजन और पुतलों के बीच 130 फीट की दूरी रखी गई, जबकि पहले यह दूरी करीब 70 फीट होती थी। उपमहापौर को पीछे की सीट देने पर जताई नाराजगी कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया। उपमहापौर मेहबूब टी को आयुक्त ने पीछे की पंक्ति में बैठने के लिए कहा तो नेता प्रतिपक्ष राकेश भाटी सहित अन्य लोगों ने नाराजगी जताई। इसके बाद उपमहापौर के नाम की नेम प्लेट लगाकर उन्हें आगे की पंक्ति में बैठाया गया। वहीं, कार्यक्रम में स्वागत के दौरान विपक्षी पार्षदों के नाम नहीं लिए जाने पर भी भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। दशहरा मेला कमेटी पर भी उठाए सवाल पार्षद राकेश भाटी ने आरोप लगाया कि रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों में आतिशबाजी नाममात्र की थी और पुतले पलक झपकते ही धराशायी हो गए। उन्होंने महापौर की ओर से गठित दशहरा मेला कमेटी पर भी सवाल उठाए। भाटी ने आरोप लगाया कि कमेटी में चुनाव हार चुके पार्षद गणपत मेघवाल और शिवप्रकाश प्रजापत को सदस्य बनाया गया है, जो नियमों के विरुद्ध है।