पंचायतीराज चुनाव में सरकारी योजनाओं के तहत काम करने वाले मानदेय और संविदा कर्मचारियों के चुनाव लड़ने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, राशन डीलर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और कुछ मानदेय कर्मचारियों को पंचायत चुनाव लड़ने की छूट है। हालांकि, आशा सहयोगिनी और साथिन को इस छूट में शामिल नहीं किया गया है। आयोग के स्पष्टीकरण से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कर्मचारियों को अपनी पात्रता समझने में मदद मिलेगी। चुनाव जीतने पर शपथ से पहले देना होगा इस्तीफा आयोग के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को नामांकन दाखिल करने से लेकर चुनाव परिणाम आने तक अवैतनिक अवकाश लेना होगा। यदि वे चुनाव जीतती हैं, तो शपथ लेने से पहले पद से त्यागपत्र देना जरूरी होगा। आशा सहयोगिनी और साथिन को पंचायत चुनाव लड़ने के मामले में छूट नहीं दी गई है। ऐसे में इन पदों पर कार्यरत महिलाओं को चुनाव लड़ने से पहले संबंधित नियमों और पात्रता की शर्तों का पालन करना होगा। विद्या संबल योजना के कर्मचारियों को भी सलाह विद्या संबल योजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। कानूनी विवाद या किसी तरह के संशय से बचने के लिए ऐसे कर्मचारियों को चुनाव में भाग लेने से पहले त्यागपत्र देना उचित रहेगा। आयोग के स्पष्टीकरण के बाद पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक मानदेय और संविदा कर्मचारियों को नामांकन से पहले अपनी पात्रता और संबंधित नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा।