पंचायतीराज चुनावों में टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी होते ही उदयपुर देहात जिला भाजपा के भीतर छिड़ा अंदरूनी असंतोष अब खुले बगावती मोड़ पर आ चुका है। टिकटों के ऐनवक्त पर हुए फेरबदल और शीर्ष पदों को लेकर पार्टी के भीतर ही गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। 47 सीटों वाली जिला परिषद में बहुमत के आधार पर जिला प्रमुख का पद हासिल करने के लिए ऐनवक्त पर एक पूर्व विधानसभा प्रत्याशी के करीब 20 समर्थकों को रेवड़ी की तरह टिकट बांटे गए। इस रणनीति में संभाग स्तर के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ शहर भाजपा के एक पदाधिकारी की सहभागिता सामने आई है। परिणाम से पहले ही जिला प्रमुख और प्रधान पदों के आश्वासन बांटे जाने की इत्तला जैसे ही संगठन में फैली, नेताओं के सब्र का बांध टूट गया। इस पूरे घटनाक्रम और असंतोष की लिखित शिकायत जयपुर में प्रदेश नेतृत्व से लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है, जिससे पार्टी आलाकमान में भी भारी नाराजगी बताई जाती है। इसी घमासान के बीच पार्टी के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्रसिंह आसोलिया अपनी ही पार्टी के संभाग चुनाव प्रभारी के खिलाफ खुलकर मैदान में उतर आए हैं। संगठन के दलालों ने सरे राह मेरी इज्जत उतारी: आसोलिया भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष आसोलिया ने संभाग चुनाव प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा पर गंभीर आरोप लगाए। आसोलिया के अनुसार, जोधा ने फोन पर बताया कि मावली के पूर्व विधायक प्रत्याशी कृष्णगोपाल पालीवाल को वार्ड 40 से टिकट देने से मना कर दिया है। वहीं, वल्लभनगर के पूर्व प्रत्याशी हिम्मत सिंह झाला को जिला प्रमुख बनाने का नाम तय किया है। आसोलिया ने सवाल उठाया कि टिकट वितरण पूरा होने से पहले जिला प्रमुख तय करने वाले जोधा कौन होते हैं? उन्होंने कृष्णगोपाल को प्रधान बनाने के फैसले पर भी आपत्ति जताई। आसोलिया ने कहा कि उन्होंने पुत्रवधू के लिए मावली पंचायत समिति सदस्य का टिकट मांगा था। जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने नामांकन भरने को कहा, लेकिन ऐनवक्त पर सिंबल नहीं दिया। वे महापौर पारस सिंघवी के कार्यालय से 47 सिंबल लेकर आए थे। उन्होंने इसे अपमान बताते हुए संगठन में दलालों के हावी होने का आरोप लगाया। सारे आरोप निराधार, आसोलिया वरिष्ठ नेता, मना लेंगे: झाला पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हिम्मत सिंह झाला ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी आलाकमान के निर्देश पर जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। टिकट वितरण सभी पदाधिकारियों की सहमति और दूरदर्शी निर्णय के तहत हुआ है। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी का हर निर्णय उन्हें स्वीकार होगा। झाला ने कहा कि आसोलिया पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उनसे बातचीत कर उनकी नाराजगी दूर करने का पूरा प्रयास करेंगे। संगठन का रुख: जोधा फोन पर उपलब्ध नहीं, जिलाध्यक्ष की चुप्पी भास्कर ने इस घटनाक्रम और आरोपों पर संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा का पक्ष जानने के लिए उनके फोन पर कई बार संपर्क किया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए। दूसरी तरफ भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली और मावली के पूर्व प्रत्याशी कृष्णगोपाल पालीवाल ने मामले पर चुप्पी साध रखी है। इधर पर्चों की जांच: भाजपा प्रत्याशी मेनारिया के दोहरे पंजीकरण पर आपत्ति खारिज वल्लभनगर की पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) को ज्ञापन देकर जिला परिषद वार्ड 34 से भाजपा प्रत्याशी घनश्याम मेनारिया का नामांकन दोहरी मतदाता प्रविष्टि के आधार पर रद्द करने की मांग की। दुर्गाशंकर की ओर से आपत्ति में आरोप लगाया गया कि मेनारिया का नाम उदयपुर नगर निगम के वार्ड 48 व ग्राम पंचायत वाना के वार्ड 3 की मतदाता सूचियों में है। जवाब में मेनारिया ने बताया कि निगम सूची से नाम हटाने के लिए 1 अक्टूबर को आवेदन कर दिया था। आरओ अग्रवाल ने दस्तावेजों की जांच के बाद आपत्ति खारिज कर नामांकन स्वीकार कर लिया। अब इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है।