जबलपुर पुलिस ने जिस अंतरराज्यीय ठग पन्नालाल राठौर को पकड़ा है, वह हरियाणा की कुख्यात मेवाती गैंग में रह चुका है। 60 साल के इस शातिर ठग ने न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दक्षिण भारत के कई राज्यों में नकली सोना दिखाकर करोड़ों की ठगी की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर डॉक्टरों को निशाना बनाता था। वह अपनी पत्नी को मरीज बनाकर क्लिनिक में भेजता और इलाज के दौरान भरोसा जीतकर शुद्ध सोना बताकर नकली गिन्नियां बेच देता था। एक डॉक्टर ने तो सोना खरीदने के लिए मकान गिरवी रखकर बैंक से 60 लाख रुपए तक का लोन ले लिया। 7 महीने पहले आया था मध्य प्रदेश, कई शहरों में की वारदात
पन्नालाल करीब 7 महीने पहले परिवार के साथ मध्यप्रदेश आया। यहां छिंदवाड़ा, सागर, छतरपुर और जबलपुर के डॉक्टरों को निशाना बनाया। वह पत्नी को डॉक्टरों के पास मरीज बनाकर भेजता था। फिर गड़े खजाने की कहानी सुनाता। पहले एक-दो गिन्नियां देता, जो असली होती थीं। इससे डॉक्टर आसानी से विश्वास में आ जाते। फिर बड़ी रकम लेकर नकली सोना थमा देता। वह उत्तरप्रदेश भागने वाला था, लेकिन क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया। पुलिस ने उसकी पत्नी और दो बेटों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 1 करोड़ 55 लाख रुपए नकद, 84 ग्राम सोना और 11 मोबाइल फोन मिले हैं। राजस्थान से जाकर फरीदाबाद में बसा, पहले पुराने कपड़े बेचता था
पन्नालाल मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है। 30 साल पहले हरियाणा के फरीदाबाद में बस गया। शुरुआत में वह पुराने कपड़े खरीदकर गांव-गांव और शहरों में बेचता था। जब अच्छी आमदनी नहीं हुई तो 10 साल पहले हरियाणा की कुख्यात मेवाती गैंग जॉइन कर ली। यह गैंग अंतरराज्यीय वाहन चोरी, हाईवे पर लूट, डकैती और ऑनलाइन ठगी के लिए कुख्यात है।
पत्नी और 3 बच्चों के साथ बनाई गैंग, 3 गैंग से बाहर
कुछ साल मेवाती गैंग के साथ काम करने के बाद के बाद पन्नालाल ने अपना अलग गिरोह बना लिया, क्योंकि कमाई का बड़ा हिस्सा गैंग में बंट जाता था। उसने अपनी पत्नी रानमा देवी (52) और बेटों धर्मेंद्र (34) व वीरेंद्र (30) को भी इसमें शामिल कर लिया। उसके 6 बेटे हैं। इनमें से तीन उसके साथ ठगी में सक्रिय थे। एक डॉक्टर ने 60 लाख का होम लोन लेकर दिए रुपए
जबलपुर की यादव कॉलोनी निवासी एक डॉक्टर ने 1 अप्रैल को 10 लाख रुपए, दूसरे ने 3 अप्रैल को 50 लाख और तीसरे ने करीब 1 करोड़ रुपए देकर सोना खरीदा। एक डॉक्टर ने तो इसके लिए बैंक से 60 लाख रुपए का होम लोन ले लिया। करीब एक सप्ताह बाद गिन्नियों की जांच कराई गई तो पता चला कि वह नकली हैं।
यह सुनते ही डॉक्टरों के होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। गैंग शहर के बाहर किराए का घर लेती थी, ताकि पहचान से बच सके। वे अलग-अलग शहरों में जाकर डेंटिस्ट डॉक्टरों को निशाना बनाते और ठगी कर तुरंत शहर छोड़ देते थे। CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए
मामला गंभीर होने पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। डॉक्टर के क्लिनिक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। मोबाइल और मुखबिर की सूचना पर करीब 400 किलोमीटर दूर झांसी के एक गांव में दबिश देकर गैंग के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने जबलपुर सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों और देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे ही ठगी की है। …………………. ये खबरें भी पढ़ें… ‘खुदाई में गोल्ड मिला, 12 लाख में 1KG दे देंगे’ मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्राइम ब्रांच ने ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों ने गड़ा हुआ सोना मिलने का झांसा देकर डॉक्टरों को निशाना बनाया। करीब 1.60 करोड़ की ठगी की। पुलिस ने एक ही परिवार के 4 लोगों को झांसी से गिरफ्तार किया। पूरी खबर यहां पढ़ें... MP से हरियाणा तक नेटवर्क…चलते ट्रक लूट रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर चालकों को बंधक बनाकर लूटपाट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मेवाती गिरोह के सदस्य चालकों के हाथ-पैर बांधकर उन्हें सड़क किनारे छोड़ देते हैं और कंटेनर में भरा माल लेकर फरार हो जाते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...