सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील के ग्राम हरिपुरा के लांस हवलदार सुरेश गेनन का पठानकोट में निधन हो गया। सेना ने बैटल कैजुअल्टी मानते हुए सैन्य सम्मान के साथ शहीद सुरेश की पार्थिव शरीर को रवाना किया। पठानकोट से रवाना होकर शहीद सुरेश कुमार का पार्थिव बुधवार देर रात खाचरियावास पुलिस पहुंचा। आज सुबह तिरंगा यात्रा के साथ पार्थिव देह को हरिपुरा गांव ले जाया गया। 20 मिनट पहले ही पिता से बात हुई थी, ड्यूटी के दौरान शहीद सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल बृजेंद्र सिंह महला ने बताया कि सुरेश कुमार 2011 में आर्मी में भर्ती हुए थे। वे अभी पठानकोट में 3 जाट रेजीमेंट में लांस हवलदार के पद पर पोस्टेड थे। ड्यूटी के दौरान पंजाब के पठानकोट में 1 जुलाई को वे शहीद हो गए। सैन्य सम्मान के साथ शहीद सुरेश कुमार का अंतिम संस्कार किया गया है। सुरेश कुमार ने मौत से ठीक 20 मिनट पहले ही पिता से मोबाइल पर बातचीत की थी और जल्द ही गांव आने की बात कही थी। 9 साल के बेटे पीयूष ने दी मुखाग्नि लेकिन कुछ ही देर बाद उनके शहीद होने की सूचना पहुंची, जिससे पूरे परिवार और गांव में शोक छा गया। शहीद वीरांगना सीमा देवी रोते हुए बार-बार बेसुध होती रही। सेना के अधिकारियों ने शहीद सुरेश कुमार के 9 वर्षीय बेटे पीयूष को तिरंगा सौंपा, पीयूष ने चिता को मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और आमजन शामिल हुए। इससे पहले ग्रामीणों ने पार्थिव देह पर पुष्पवर्षा की।