13 साल पहले उजाड़े गए हाथीवाला पार्क का काम आज तक पूरा नहीं हुआ है। टेंडर की शर्त के अनुसार 1.31 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को फरवरी 2026 में पूरा होना था। लेकिन, अभी तक पार्क का काम 50 फीसदी ही हो पाया है। मौके पर घास तो लगा दी गई है, लेकिन पाथवे और बैठने के लिए बेंच लगाने का काम अभी भी बाकी है। ऐसे में शहरवासियों को पार्क के लिए आैर इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, हाथीवाला पार्क बनाने के लिए पिछले साल ठेका एजेंसी को टेंडर दिया गया। इस साल फरवरी में इसे पूरा करना था। पिछले साल दिसंबर तक छत का सीमेंट व कंक्रीट यानी सीसी निर्माण, वाटर प्रूफिंग और मिट्टी बिछाने का काम कर दिया गया। घास, पाथवे और बेंच लगाने का काम बाकी था। लेकिन, मई तक मिट्टी ही बिछती रही और कोई काम नहीं हुआ। जून में घास तो लगा दी गई, लेकिन पाथवे का काम अधूरा पड़ा है। बेंचें भी नहीं लगाई गई। बता दें कि हाथीवाला पार्क टाउनहॉल अंडरग्राउंड पार्किंग की 4400 वर्गमीटर छत पर बनाया जा रहा है। लेकिन, बारिश ने नई चिंता खड़ी कर दी है। बारिश से पार्क की मिट्टी बड़ी मात्रा में पानी सोखेगी, जिससे टाउनहॉल की अंडरग्राउंड पार्किंग की छत पर भार बढ़ेगा। दूसरी ओर, पार्किंग के भूतल में पहले से जमीन से लगातार पानी रिसने की समस्या है। यहां रोज मोटर लगाकर पानी बाहर निकालना पड़ता है। ऐसे में एक ओर नीचे लगातार पानी का रिसना और दूसरी ओर ऊपर गीली मिट्टी का अतिरिक्त भार इस प्रोजेक्ट के लिए नई चुनौती बनेगा। नई चुनौती : मिट्टी गीली होने से पार्किंग की छत पर भार बढ़ेगा हाईकोर्ट में मामला गया तो फिर बनाना पड़ रहा पार्क 2020 में पार्क उजाड़ने का मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। इसमें आरोप था कि हाथीवाला पार्क पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र था। इसे निगम ने पार्किंग बनाने के चक्कर में खत्म कर दिया। निगम ने मास्टर प्लान की अवहेलना कर पार्किंग विकसित की है। मास्टर प्लान की गाइड लाइन के अनुसार निगम रेजीडेंसियल, वाणिज्यिक और पार्क वाले इलाके में उसी के संबंधी निर्माण को मंजूरी देती है। लेकिन, निगम ने खुद के परिसर में नियमों को तोड़ते हुए यहां पार्क के स्थान पर पार्किंग बना दी। इस बीच, कई पेशियां हुई, जिनमें निगम ने अपने तर्क पेश किए। पिछले 14 अगस्त को हाईकोर्ट ने पार्किंग के ऊपर वापस पार्क निर्माण करने के निर्देश दिए। बारिश में होगी स्ट्रक्चरल जांच: हाथीवाला पार्क की छत पर बिछाई गई मिट्टी में बारिश के दौरान नमी और भार बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगम अब पार्किंग की छत की स्ट्रक्चरल मॉनिटरिंग कराएगा। अधिकारियों के अनुसार बारिश के बाद इंजीनियरिंग टीम छत की स्थिति, जल निकासी और भार क्षमता का परीक्षण करेगी। साल 2013 में पार्क उजाड़ कर बनाई गई थी पार्किंग शहर के बापूबाजार और टाउनहॉल रोड ट्रैफिक जाम और अवैध पार्किंग की समस्या के निस्तारण के लिए निगम ने हाथीवाला पार्क की जगह पार्किंग बनाना तय किया। 2 अक्टूबर 2013 को भूमिगत पार्किंग की आधारशिला रखी गई। 16 अक्टूबर को पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगी फिसलपट्टी, झूलों को ध्वस्त किया गया। फिर 17 अक्टूबर को हाथी को ध्वस्त कर पार्क उजाड़ कर पूरी तरह से समतल कर दिया। साल 2019 में 14 करोड़ में अंडरग्राउंड और भूतल पर पार्किंग तैयार की गई। कुछ ही समय बाद अंडरग्राउंड में जमीन से पानी का रिसाव शुरू हो गया, जो अब तक जारी है।