भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टोंक की टीम ने घूसखोरों के खिलाफ अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी रखते हुए मंगलवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसीबी ने भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील के ऊंचा हलके के पटवारी भंवर सिंह (निवासी गुनादू, लोसल- सीकर) को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टोंक एसीबी की पिछले दो महीनों के भीतर यह पांचवीं बड़ी ट्रैप कार्रवाई है, जिससे रिश्वतखोरों में हड़कंप मच गया है। आरोपी पटवारी भंवर सिंह परिवादी के पिता के पक्ष में न्यायालय द्वारा जारी की गई एक डिक्री (आदेश) पर अमल करने और राजस्व रिकॉर्ड में कार्रवाई करने की एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। परिवादी लगातार तहसील के चक्कर काटकर परेशान हो चुका था। आखिर में उसने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय 25 जून को एसीबी के टोल फ्री नंबर 1064 पर इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत का गोपनीय सत्यापन होने के बाद टोंक एसीबी के एएसपी ऋषिकेष मीणा के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार को आरोपी पटवारी ने परिवादी को देवली- हाजपुर मार्ग पर अपनी कार में बैठाया। जैसे ही परिवादी ने पटवारी के कहने पर ₹20 हजार की नगदी कार के डेस्क बॉक्स में रखी, वैसे ही पीछा कर रही एसीबी टीम ने घेराबंदी कर दी और आरोपी को दबोचकर रिश्वत की राशि बरामद कर ली। पहले टली थी कार्रवाई एसीबी एएसपी ऋषिकेष मीणा ने बताया कि 25 जून को शिकायत मिलते ही जयपुर मुख्यालय के निर्देश पर उसी दिन रिश्वत मांगे जाने का सत्यापन करवा लिया गया था। हालांकि, इसके बाद परिवादी के कुछ समय तक उपलब्ध नहीं होने के कारण तुरंत ट्रैप नहीं किया जा सका। मंगलवार को परिवादी के आते ही टीम ने सफलतापूर्वक कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीमें आरोपी पटवारी के पैतृक आवास और अन्य ठिकानों पर सर्च कर रही हैं, ताकि आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।