फलोदी में राष्ट्रीय डाक्टर्स डे के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक हुई। ये बैठक नई सड़क पर हुई, जिसमें डॉक्टर्स की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई और कांग्रेस जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. नवलकिशोर जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने डॉक्टर्स की समस्याओं पर बताया कि जिला अस्पताल में सालों से फिजिशियन और सर्जन के पद खाली हैं। राज्य सरकार इन पदों पर नियुक्तियां नहीं कर रही है। डॉ. जोशी ने कहा कि फिजिशियन और सर्जन के अभाव में मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कार्यरत डॉक्टर्स को मजबूरीवश गंभीर मामलों के मरीजों को जोधपुर रेफर करना पड़ता है। मरीजों के अधिक संख्या में रेफर होने के कारण फलोदी का जिला अस्पताल केवल एक रेफरल अस्पताल के रूप में जाना जाने लगा है, जबकि यहां रोजाना हजार से 1200 मरीज ओपीडी में आते हैं। अन्य वक्ताओं ने सरकार पर आम आदमी के जीवन के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि चिकित्सा मंत्री के लोहावट से विधायक होने के बावजूद फलोदी में फिजिशियन और सर्जन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है। वक्ताओं ने ये भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में स्वीकृत और अब बनकर तैयार नए जिला अस्पताल को पुराने अस्पताल से स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश छंगाणी, हरभज नोखड़ा, अधिवक्ता सतीश विश्नोई और भैराराम मकवाना सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन वल्लभ लखेशरी ने किया, जबकि डॉ. नवलकिशोर जोशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सभी वक्ताओं ने डाक्टर्स डे की शुभकामनाएं भी दीं।