फलोदी स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बाल वाहिनियों का निरीक्षण किया गया। एडीजे डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने जिला परिवहन दल के साथ सेंट पॉल उच्च माध्यमिक विद्यालय में बसों, वैन और अन्य स्कूली वाहनों की जांच की। इस दौरान कई अनियमितताएं मिलने पर 3 बाल वाहिनियों को सीज किया गया, जबकि 4 अन्य वाहनों के चालान काटे गए। निरीक्षण के दौरान स्कूली वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण-पत्र, निर्धारित रंग, प्राथमिक उपचार बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, जीपीएस, चालक की वर्दी, आपातकालीन निकास और कैमरों सहित विभिन्न सुरक्षा मानकों की जांच की गई। जांच में नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई। बाल वाहिनियों में सुरक्षा उपकरण जरूरी डॉ. बिश्नोई ने बताया कि बाल वाहिनियों का रंग पीला होना चाहिए और उन पर स्पष्ट रूप से 'स्कूल बस' लिखा होना चाहिए। वाहनों में प्राथमिक उपचार बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, जीपीएस, कैमरा और आपातकालीन निकास जैसी आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आवश्यक अनुभव होना जरूरी है। साथ ही, वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जाना चाहिए। नियमों की अनदेखी से बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर भी होगी कार्रवाई डॉ. बिश्नोई ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी विद्यालयों को अपनी बाल वाहिनियों का संचालन परिवहन नियमों के अनुरूप करना होगा। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भी लिखा जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किए जा रहे निरीक्षण का उद्देश्य स्कूली वाहनों में सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करना और बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।