पिण्डवाड़ा के पश्चिमी मेघवाल वास में रविवार को नेजा नवमी मनाई गई। इस दौरान बाबा रामदेव मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों से भरा रहा। श्रद्धालुओं ने हाथों में रंग-बिरंगे नेजा लेकर बाबा रामदेव के जयकारे लगाए और मंदिर में शीश नवाया। नेजा नवमी पर बाबा रामदेव की पालकी के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में नेजा लिए बाबा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। डीजे और बैंड-बाजे की धुन पर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। यह जुलूस शहर के अलग-अलग रास्तों और मोहल्लों से होते हुए पश्चिमी बाबा रामदेव मंदिर पहुंचा। जुलूस को आकर्षक बनाने के लिए कई झांकियां भी शामिल की गईं। मिकी माउस, कच्ची घोड़ी, ऊंट और घोड़े जैसी झांकियां लोगों का ध्यान खींच रही थीं। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। युवा डीजे की धुन पर नाचते दिखे, वहीं महिलाएं और पुरुष भी श्रद्धा के साथ जुलूस में शामिल हुए। पश्चिमी बाबा रामदेव मंदिर इलाके के लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। मान्यता है कि इच्छा पूरी होने पर भक्त बाबा को नेजा चढ़ाते हैं। नेजा नवमी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव को नेजा चढ़ाया। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। नेजा नवमी पर बाबा की पालकी के नीचे से गुजरने की भी खास परंपरा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसा करने से बाबा रामदेव की कृपा बनी रहती है और व्यक्ति सालभर स्वस्थ रहता है। इसी आस्था के साथ कई भक्त पालकी के नीचे से गुजरे और बाबा का आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान पश्चिमी मेघवाल वास बाबा रामदेव के जयकारों से गूंजता रहा।