भास्कर न्यूज | ब्यावर मई 2026 की शुरुआत के साथ ही अंतरिक्ष में ग्रहों की हलचल तेज हो गई है। इस माह बुध और सूर्य गोचर का संयुक्त प्रभाव सामाजिक और धार्मिक जीवन पर असर डालेगा। 3 मई को बुध का राशि परिवर्तन और मध्य मई में सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश हो रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुध और सूर्य का वृषभ राशि में आना विशेष संयोग बनाता है, जो व्यापार, बुद्धि और आध्यात्मिक गतिविधियों को प्रभावित करेगा। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है। मई के प्रथम सप्ताह में बुध के राशि परिवर्तन से व्यापारिक गतिविधियों में हलचल बढ़ने के संकेत हैं। पठन-पाठन, लेखन और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। बाजार में नए अवसर बनने और निवेश के रास्ते खुलने की संभावना जताई जा रही है। सामाजिक स्तर पर संवाद और संबंधों में मधुरता आने के योग बनेंगे। महीने के मध्य में सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ तापमान में वृद्धि महसूस होगी। सूर्य को ऊर्जा और तप का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान गर्मी के साथ आध्यात्मिक साधना और अनुशासन का महत्व बढ़ेगा। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य की तेज किरणें नकारात्मकता को कम करती हैं। इसी कारण इस समय जल दान, छाया दान और सेवा कार्यों को विशेष महत्व दिया जाता है। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर शांति पाठ और अनुष्ठान होने की संभावना रहेगी। आगामी दिनों में इन ग्रहों के बदलाव का असर आम जनजीवन पर दिखाई देगा। धार्मिक स्थलों पर गतिविधियां बढ़ेंगी और लोग विशेष अनुष्ठानों के माध्यम से शांति की कामना करेंगे। बढ़ती गर्मी के बीच सेवा, संयम और साधना को अपनाने की सलाह दी जा रही है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहेगा। किन राशियों पर क्या प्रभाव और उपाय मेष, सिंह और धनु : इन राशियों के जातकों के लिए मान-सम्मान में वृद्धि होगी, लेकिन सूर्य की प्रखरता के कारण स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। वृषभ, कन्या और मकर : बुध के प्रभाव से आर्थिक लाभ और नए व्यापारिक निवेश के अवसर भी प्राप्त होंगे। मिथुन, तुला और कुंभ : कार्यस्थल पर वाणी और व्यवहार में संयम रखना आवश्यक होगा ताकि विवाद की स्थिति न बने। कर्क, वृश्चिक और मीन : यात्रा के योग बनेंगे, हालांकि बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। सूर्य-बुध संयोग में सेवा और दान का महत्व बुध और सूर्य का एक साथ आना ज्ञान और शक्ति के संगम के रूप में देखा जाता है। इस दौरान प्यासे लोगों को पानी पिलाना, पक्षियों के लिए परिंडे लगाना और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्यकारी माना जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार परोपकार के कार्य ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने में सहायक होते हैं।