भास्कर न्यूज | पाली सरकार गैस की किल्लत और सिलेंडरों की भागदौड़ खत्म करने के लिए पीएनजी को भविष्य की आवश्यकता बता रही है। दावा किया जा रहा है कि अब रसोई तक गैस सीधे पाइप के माध्यम से पहुंचेगी, लेकिन धरातल पर स्थिति इन दावों से काफी अलग है। शहर की कृष्ण नगर, शिव कॉलोनी और राजीव गांधी कॉलोनी ऐसी हैं, जहां लोगों ने कनेक्शन ले लिया, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उनकी रसोई में चूल्हा जलने का इंतजार खत्म नहीं हुआ। इन कॉलोनियों की गलियों में दीवारों पर पीएनजी की पीली पाइप लाइनें बिछी नजर आती हैं, लेकिन कनेक्शन अभी तक शुरू नहीं हुए। आईजीएल पाली के प्रतिनिधि राजेश ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 850 नए कनेक्शन जारी किए गए हैं। पाली में कुल 9 हजार कनेक्शन हैं और हर रोज 13-14 लोग नए कनेक्शन के लिए कॉल करते हैं। शिकायतों और जानकारी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। हर रोज लगभग 30 शिकायतें आती हैं, जिनमें से अब तक 60 कनेक्शन पेंडिंग हैं। संबंधित टीमें इस पर काम कर रही हैं। जोधपुर रोड, समर्थनगर, न्यू हाउसिंग, सुभाष नगर ए, शिवाजी नगर, सरदार पटेल नगर, भालेलाव रोड, पुलिस लाइन के पास राजीव गांधी, शिवाजी नगर, कृष्णा नगर और नयागांव क्षेत्रों में कनेक्शन लगाए गए हैं। शिकायतों में सुनवाई नहीं घरों में लगे पीएनजी पाइप (लाल घेरे में) और इंतजार में चूल्हे। {शिव कॉलोनी: मनोहरलाल ने बताया कि घर के बाहर पाइप लाइन बिछी है, लेकिन एक साल बाद भी कनेक्शन नहीं लगा। कई कॉल के बावजूद जवाब केवल आश्वासन तक सीमित हैं। {राजीव गांधी कॉलोनी: भंवरलाल ने कहा कि तीन साल से पाइप लगी है, लेकिन कनेक्शन नहीं मिला और कोई सुनवाई नहीं हो रही। {राजीव गांधी कॉलोनी: अशोक कुमार भट्ट ने शिकायत की कि बार-बार कॉल करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंट्रोल रूम से केवल यह जवाब मिलता है कि शिकायत टीम को भेजी गई है। लोग पीएनजी की ओर इसलिए कर रहे हैं रुख : गैस सिलेंडर की तुलना में पीएनजी सस्ती है। प्रति एससीएम पीएनजी की दर 47.27 रुपये है, जबकि 14 किलो के सिलेंडर की कीमत लगभग 923 रुपये है। ऊर्जा गणित के अनुसार 14 किलो गैस सिलेंडर लगभग 15-17 यूनिट पीएनजी के बराबर है, जिससे यह विकल्प किफायती माना जा रहा है।