शारदीय नवरात्र के दौरान प्रदेशभर में आयोजित होने वाले गरबा एवं डांडिया उत्सवों में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। गरबा आयोजनों के दौरान और समाप्ति के बाद घर लौटते समय युवतियों के साथ छेड़छाड़ व अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रदेशव्यापी ‘शक्ति सुरक्षा अभियान’ चलाएगी। सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा जो मनचलों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी। भीड़-भाड़ और संवेदनशील गरबा स्थलों पर ‘कालिका पेट्रोलिंग टीम’ तथा अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। मनचलों और असामाजिक तत्वों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में तैनात रहेंगी तथा चिह्नित स्थलों पर ‘डिकॉय ऑपरेशन’ किए जाएंगे। महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों को भी अपनी व्यवस्था चाक-चौबंध रखनी होगी। बड़े आयोजनों के लिए पुलिस और आयोजक समन्वय बैठक करेंगे। आयोजकों को कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के लिए लगाए गए सभी सिक्योरिटी वॉलंटियर्स की सूची संबंधित पुलिस अधिकारियों को देनी होगी। इसके अलावा, पंडालों में प्रवेश केवल डिजिटल पास या वैध पहचान-पत्र (आईडी) की सख्त जांच के बाद ही दिया जाएगा। परिसर में सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों की सक्रिय निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। गरबा स्थलों के प्रवेश और निकास द्वार, पार्किंग एरिया तथा पार्किंग से मुख्य स्थल तक जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था, पुलिस पेट्रोलिंग और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि देर रात लौटते समय महिलाओं को किसी असुरक्षा का सामना न करना पड़े। जिला स्तर पर इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रैंक के अधिकारी की ओर से की जाएगी। नवरात्र के दौरान महिला सुरक्षा में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाली कालिका पेट्रोलिंग टीमों और महिला पुलिसकर्मियों का मूल्यांकन कर उनके नाम मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। गरबा नाइट्स में सुरक्षित और बेफिक्र रहने के लिए 5 जरूरी टिप्स ऑटो-टैक्सी पर लगेंगे हेल्पलाइन स्टीकर, Y-CLG भी जुड़ेगा : अभियान के तहत ऑटो और टैक्सी चालकों के साथ बैठकें की जाएंगी, जिसमें उन्हें महिला यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए जाएंगे। सभी सार्वजनिक वाहनों पर महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों के स्टीकर चस्पा किए जाएंगे। साथ ही, युवा सामुदायिक समन्वय समूह (वाई - सीएलजी- यूथ कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) के सदस्यों और ‘सुरक्षा सखियों’ को भी इस अभियान से जोड़कर जमीनी स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। हर बड़े स्थल पर ‘महिला हेल्प डेस्क’ स्थापित होगी, जहां राजकॉप ऐप और क्यूआर कोड के माध्यम से सहायता मिलेगी। गरबा-डांडिया प्रोग्राम में समाजकंटकों पर कड़ी नजर रहेगी और पुलिस सख्ती बरतेगी। सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मी प्रोग्राम में शामिल होंगी जो मनचलों पर नजर रखेंगी और अवांछनीय गतिविधियों पर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी। - मृदुल कच्छावा, एसपी 1: आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर सुरक्षित रखें: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या छेड़छाड़ की स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता के लिए 112 डायल करें। कार्यक्रम स्थल पर लगे पोस्टर्स से क्यूआर कोड और ‘राजकॉप’ ऐप का विवरण अपने फोन में पहले ही सेव रखें। 2: वैध पहचान-पत्र और डिजिटल पास साथ रखें: प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच होगी, इसलिए बिना वैध आईडी या डिजिटल पास के घर से न निकलें। केवल अधिकृत काउंटरों या आयोजकों के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही पास प्राप्त करें। 3: सुरक्षित परिवहन व पार्किंग का चयन: हमेशा अधिकृत पार्किंग स्थल पर ही वाहन पार्क करें। ऑटो या कैब लेते समय वाहन का नंबर नोट करें और देखें कि उस पर हेल्पलाइन स्टीकर लगा है या नहीं। रात में लौटते समय सुनसान रास्तों के बजाय मुख्य व रोशनी वाले मार्गों का उपयोग करें। 4: महिला हेल्प डेस्क व सुरक्षा सखियों से संपर्क: यदि आयोजन स्थल पर कोई असुविधा, बदसलूकी या भीड़ में बिछड़ने जैसी समस्या हो, तो सीधे पंडाल में मौजूद ‘महिला हेल्प डेस्क’ या तैनात महिला पुलिसकर्मियों/सुरक्षा सखियों से तुरंत मदद लें। 5: लाइव लोकेशन साझा करें: देर रात तक चलने वाले आयोजनों में शामिल होते समय अपने परिजनों या दोस्तों के साथ फोन पर अपनी ‘लाइव लोकेशन’ जरूर साझा करें।