हसनपुरा स्थित पीडब्ल्यूडी ऑफिस में मंगलवार को ठेकेदारों के प्रदर्शन से करीब 250 कारें परिसर में फंस गईं। सुबह अपनी कारों से ऑफिस पहुंचे अधिकारियों-कर्मचारियों को शाम को घर जाने के लिए कैब, ऑटो और निजी टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। कुछ ने परिजनों को कार लेकर बुलाया। रात तक कारें ऑफिस परिसर में ही खड़ी रहीं। दरअसल, पीडब्ल्यूडी सिटी डिवीजन प्रथम के एक्सईएन जयप्रकाश यादव को हटाने की मांग को लेकर ठेकेदार दो दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को ठेकेदार मुख्यमंत्री आवास (सीएमआर) का घेराव करने निकले तो पुलिस ने ऑफिस का मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी गेट पर गद्दा बिछाकर बैठ गए। ऑफिस में ‘पीडब्ल्यूडी बचाओ, यादव हटाओ’ के पोस्टर भी लगाए गए हैं। इससे परिसर में खड़ी गाड़ियां बाहर नहीं निकल सकीं। रखरखाव अवधि 2 वर्ष की मांग अधिकारी-कर्मचारी मंगलवार को किसी तरह घर पहुंचे, लेकिन बुधवार को ऑफिस पहुंचने की चिंता है। ठेकेदारों ने बकाया भुगतान और अमानत राशि लौटाने के साथ भवन, विद्युत, सेनेटरी और पेंट संबंधी कार्यों की रखरखाव अवधि पहले की तरह घटाकर दो वर्ष करने की मांग की है। ठेकेदारों का आरोप- भुगतान मांगने पर मारपीट करवाई ठेकेदार एक्सईएन जयप्रकाश यादव को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि यादव ने बाहरी लोगों को बुलाकर एक ठेकेदार के साथ मारपीट करवाई। वे आए दिन ठेकेदारों से दुर्व्यवहार और गाली-गलौज भी करते हैं।