सुशीलपुरा में पिछले दो महीनों से गंदे पानी की सप्लाई से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इलाके में सैकड़ों लोगों के बीमार होने की शिकायत सामने आई है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। बुधवार को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। खाचरियावास ने कहा कि इलाके में नई सड़क निर्माण के नाम पर बिल्कुल सही सड़क को रात में विरोध के बावजूद तोड़ दिया गया, जिससे सीवरेज और पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसी वजह से घरों के नलों में गंदा पानी पहुंच रहा है और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। शहर में हाल ही में जलापूर्ति और पाइपलाइन रखरखाव से जुड़े कई बदलाव भी सामने आए हैं, ऐसे में स्थानीय लाइन क्षति की समस्या और गंभीर हो गई है। बच्चों का इलाज जारी, टैंकर से पानी सप्लाई की मांग स्थानीय लोगों ने बताया कि दूषित पानी पीने से कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिनका नजदीकी डिस्पेंसरी में इलाज चल रहा है। मौके पर पहुंचे खाचरियावास ने जलदाय विभाग और नगर निगम अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश देते हुए घर-घर टैंकर से स्वच्छ पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा। सड़क निर्माण पर सरकार को घेरा पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि जहां पहले से सीमेंट सड़क बनी हुई थी और किसी निर्माण की जरूरत नहीं थी, वहां बेवजह सड़क तोड़कर जनता को परेशानी में डाला गया। उन्होंने इसे सरकार की लापरवाही, तानाशाही और जनता के पैसे की बर्बादी बताया। उन्होंने कहा कि जहां सड़क की जरूरत है वहां काम नहीं हो रहा, जबकि जहां जरूरत नहीं है वहां जबरन निर्माण के नाम पर सीवरेज और पेयजल लाइनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। आंदोलन की चेतावनी खाचरियावास ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द टूटी लाइनों की मरम्मत, जलापूर्ति व्यवस्था बहाल और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो जल भवन का घेराव किया जाएगा। इलाके के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में बीमारी और जल संकट न बढ़े।