भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने प्रतापगढ़ में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें गुजरात के डेडियापाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक चैतर वसावा और अन्य लोगों की रिहाई की मांग की गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत सात वर्ष की सजा सुनाई गई है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश बरोड़ के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। पार्टी का आरोप है कि वन भूमि से जुड़े एक विवाद में उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण कार्रवाई की गई। प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा की मांग पार्टी ने वन कानूनों और प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा की मांग की है। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी अधिकारों से संबंधित मामलों पर सभी राज्यों के राज्यपालों की बैठक बुलाने की भी मांग की गई है। पार्टी पदाधिकारियों ने इस दौरान बताया कि आदिवासी समाज में इस फैसले को लेकर गहरा आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो भारत आदिवासी पार्टी और आदिवासी समाज व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से चैतर वसावा को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई है।