प्रतापगढ़ में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में मंगलवार को भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर पैदल मार्च निकाला। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च निकाला और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग उठाई। जंतर-मंतर की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती है। संगठन का कहना है कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। बीपीवीएम ने राष्ट्रपति से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की मांग की। भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की अपील संगठन ने मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में संगठन ने विश्वास जताया कि संविधान की भावना के अनुरूप मामले में न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह ज्ञापन भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) की ओर से राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को सौंपा गया।