प्रतापगढ़ शहर में इस बार दशहरा उत्सव खास अंदाज में मनाया जाएगा। नगर परिषद ने रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार 71 फीट ऊंचा रावण जोधपुरी पोशाक में नजर आएगा। साथ ही रावण को 20 फीट लंबी बीड़ी देकर नशामुक्ति का संदेश दिया जाएगा। रावण दहन के दौरान करीब एक घंटे तक आतिशबाजी होगी, जिससे दशहरा मैदान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा। नगर परिषद सभापति ज्योति चंदन सोनी ने बताया-इस बार सीमित बजट में रावण का पुतला तैयार कराया जा रहा है। पिछले साल की तरह इस बार भी 71 फीट ऊंचे रावण का निर्माण किया जा रहा है। इसे तैयार करने में करीब 2 लाख 21 हजार रुपए खर्च होंगे। परिषद का प्रयास है कि कम खर्च में भी आयोजन की भव्यता और सुंदरता बरकरार रहे। 20 फीट लंबी बीड़ी से देंगे नशामुक्ति का संदेश प्रतापगढ़ के दशहरा उत्सव में रावण को बीड़ी पिलाने की परंपरा खास पहचान रखती है। इस बार भी रावण को 20 फीट लंबी बीड़ी दी जाएगी। इसके बाद रावण दहन किया जाएगा। आयोजन के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। मेवाड़ क्षेत्रीय महासभा के डीडी सिंह राणावत के अनुसार, रियासतकाल से रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। पहले शहर के बीच बड़ा बाग कॉलोनी में रावण दहन किया जाता था। वर्ष 2011 में नगर परिषद ने आयोजन को दशहरा मैदान में शुरू किया। इसी साल से रावण को बीड़ी पिलाने की परंपरा भी शुरू हुई, जो अब तक जारी है। एक घंटे तक होगी आतिशबाजी दशहरा मैदान में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए रोशनी, छांव और पानी की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन के दौरान महाराष्ट्र, गुजरात और सूरत के पटाखों से करीब एक घंटे तक आतिशबाजी होगी। नगर परिषद की ओर से व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की तैयारी की गई है, ताकि शहरवासी उत्साह के साथ पर्व मना सकें। मुस्लिम परिवार वर्षों से बना रहा रावण का पुतला प्रतापगढ़ के दशहरा उत्सव की एक खास पहचान आपसी भाईचारा भी है। यहां कई वर्षों से एक मुस्लिम परिवार रावण का पुतला बनाता आ रहा है। इस बार भी पुतला बनाने की जिम्मेदारी इसी परिवार को सौंपी गई है। सांस्कृतिक आयोजन में परिवार की निरंतर भागीदारी शहर की साझा परंपरा और सामाजिक सद्भाव को दर्शाती है।