प्रतापगढ़ जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मातृ मृत्यु दर घटाने के उद्देश्य से पांच दिवसीय विशेष हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं की गहन स्वास्थ्य जांच कर एचआरपी वाली महिलाओं की पहचान की जाएगी और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने बताया - प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान के पहले दिन से ही सक्रिय हो गई हैं। ये टीमें आंगनवाड़ी केंद्रों, अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उच्च जोखिम वाले मामलों की पहचान कर रही हैं। रिकॉर्ड तैयार होगा डॉ. मीणा के अनुसार, अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सीएचओ के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच (एएनसी) का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाएगी। एएनसी जांच होगी अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांचें कराई जाएंगी। इन जांचों में रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, मूत्र परीक्षण और रक्त शर्करा सहित अन्य आवश्यक परीक्षण शामिल होंगे। इन सभी का रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखा जाएगा। डॉ. मीणा ने बताया कि एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व सिजेरियन, जुड़वां गर्भ, अत्यधिक रक्तस्राव और अन्य जटिलताओं वाले मामलों की समय पर पहचान कर उनके लिए एक अलग ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।