प्रतापगढ़ शहर में विजयादशमी पर कई देवी मंदिरों से जवारा विसर्जन जुलूस निकाले गए। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियों से शहर के रास्ते सजे थे। श्रद्धालुओं ने भोपों से आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की कामना की। दूधिया खेड़ी माता मंदिर, पिपलाज माता मंदिर, मालीखेड़ा स्थित कालिका माता मंदिर और इंदिरा कॉलोनी के देवस्थान से जुलूस निकले। ये जुलूस देवस्थानों से होते हुए पथवारी पहुंचे, जहां पुजारी और भोपा मिलकर जवारों का विसर्जन करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों में जवारे बोए जाते हैं और नौ दिनों तक उनकी पूजा होती है। विजयादशमी पर इन्हें विसर्जन के लिए ले जाया जाता है। इस दौरान भोपा आने वाले साल को लेकर भविष्यवाणियां भी करते हैं, जिनमें तूफान और फसल खराब होने के अनुमान शामिल हैं। सैकड़ों लोग इन्हें सुनने गलजी कुएं के पास मंदिर पहुंचते हैं।