अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीय एवं राजस्थानी भाषा आंदोलन के अग्रणी समर्थक प्रेम भंडारी का आज 3 जुलाई को जन्मदिन है। भंडारी ने अपने जन्मदिन पर कोई आयोजन नहीं किया है। दरअसल, लगभग दो दशक पूर्व उन्होंने यह संकल्प लिया था कि जब तक राजस्थानी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जाता, तब तक वे अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। भंडारी ने कहा- राजस्थानी और भोजपुरी दोनों भाषाओं को बहुत पहले ही संवैधानिक मान्यता मिल जानी चाहिए थी। सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. सीताकांत महापात्र समिति ने भी सालों पहले राजस्थानी सहित कई भारतीय भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की अनुशंसा की थी। सरकारों ने अपेक्षित राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं दिखाई प्रेम भंडारी ने कहा- 25 अगस्त 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार के कार्यकाल में राजस्थान विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी थी। 3 जुलाई 2003 को न्यूयॉर्क में आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्वभर के राजस्थानियों से वादा किया था कि राजस्थान विधानसभा यह प्रस्ताव पारित करेगी, और उन्होंने अपना वादा निभाया। उसके बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों और सरकारों की ओर से अपेक्षित राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं दिखाई गई, जिसके कारण आज तक राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता नहीं मिल सकी। राजस्थानी भाषा को दर्जा दिलाने के लिए करते रहेंगे प्रयास भंडारी ने कहा- पिछले कई सालों वे विभिन्न जनआंदोलनों, सामाजिक अभियानों और राष्ट्रीय स्तर के प्रयासों के माध्यम से लगातार राजस्थानी भाषा की मान्यता की मांग उठाते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के साथ राष्ट्रपति भवन जाकर तत्कालीन राष्ट्रपति एवं अनेक राष्ट्रीय नेताओं से भी मुलाकात कर राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भारत सरकार एक दिन अवश्य राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में उसका उचित स्थान देगी। तब तक मेरा राजस्थान सरकार से आग्रह है कि वह कम से कम राजस्थानी भाषा को राज्य की आधिकारिक भाषा का दर्जा प्रदान करे, जैसा कि देश के अनेक राज्यों ने अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को दिया है। भंडारी कई भारतीय प्रवासी संगठनों के हैं अध्यक्ष बता दें कि प्रेम भंडारी राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना), न्यूयॉर्क के अध्यक्ष हैं, जो विश्वभर में बसे राजस्थानियों के सबसे प्रभावशाली संगठनों में से एक है। वे जयपुर फुट यूएसए सहित अनेक भारतीय प्रवासी संगठनों के अध्यक्ष भी हैं। उनके नेतृत्व में जयपुर फुट यूएसए ने भारत के भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (BMVSS), जयपुर तथा त्रिनिदाद एवं टोबैगो सरकार के सहयोग से दिव्यांगजनों के लिए त्रिनिदाद एवं टोबैगो में पहला स्थायी जयपुर फुट केंद्र स्थापित किया। इस केंद्र का हाल ही में त्रिनिदाद एवं टोबैगो की प्रधानमंत्री श्रीमती कमला प्रसाद-बिसेसर ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की गरिमामयी उपस्थिति में उद्घाटन किया। यह भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच मानवीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।