भरतपुर| मित्र सेतु अध्यक्ष एवं कृषि विशेषज्ञ डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि उन्होंने बताया कि सही भण्डारण तकनीकों को अपनाकर इस नुकसान को काफी कम किया जा सकता है। भण्डारण से पहले अनाज को अच्छी तरह सुखाकर उसकी नमी 10 प्रतिशत तक लानी चाहिए। अनाज में सूखी नीम की पत्तियां रखने से घुन लगने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा मिट्टी या मेटल की कोठियों में भण्डारण करने से चूहों और कीटों से सुरक्षा मिलती है। डॉ. सिंह ने किसानों को सलाह दी कि भण्डारण से पहले बोरों और गोदाम की अच्छी तरह सफाई करें। गोदाम की दीवारों में मौजूद दरारों और सुराखों को गीली मिट्टी या सीमेंट से बंद कर देना चाहिए।