जिले में इन दिनों रसोई की आग सिलेंडर की कमी से ठंडी पड़ती नजर आ रही है। शहर से लेकर गांव तक गैस एजेंसियों पर कॉमर्शियल सिलेंडर का ‘स्टॉक खत्म’ के हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा नाराजगी उस वक्त देखने को मिली जब शहर की सूरज गैस एजेंसी पर दो दिन ताला लटका मिला और बाहर ‘गैस उपलब्ध नहीं’ का पोस्टर चस्पा था। सिलेंडर लेने पहुंचे लोग घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन एजेंसी नहीं खुली तो गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर हंगामा हो गया। इसी तरह हेतराम गैस एजेंसी पर भी घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने से अफरा-तफरी मच गई और उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। जिले में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता के ताजा आंकड़े हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं। शादी सीजन और बढ़ती गर्मी के बीच मांग तेजी से बढ़ी है, लेकिन सप्लाई कमजोर पड़ने से अधिकांश एजेंसियों पर स्टॉक या तो खत्म हो चुका है या बेहद सीमित रह गया है। रुदावल इण्डेन गैस (रूपवास), विशाल एचपी गैस कोडापुरा (बयाना), पीपला इंडेन ग्रामीण वितरक और आदित्य इण्डेन गैस (सेवर) पर स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। इन एजेंसियों पर ‘जीरो स्टॉक’ की स्थिति बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके बाद बाकी एजेंसियां सीमित स्टॉक पर चल रही हैं, जहां रूपवास में 11 और पिचूना में 19 सिलेंडर उपलब्ध हैं। बयाना क्षेत्र में बयाना गैस सर्विस पर 17 सिलेंडर, जबकि कृष्णा राधे एचपी सर्विस और महमदपुरा ग्रामीण वितरक पर 21-21 सिलेंडर ही बचे हैं। रविवार और अंबेडकर जंयती की वजह से सप्लाई रुकी:- जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि यह हालात सप्लाई चेन में आई रुकावट के कारण पैदा हुई है। रविवार को प्लांट बंद रहने और अंबेडकर जयंती के चलते एजेंसियों में अवकाश होने से सिलेंडरों की लोडिंग प्रभावित हुई, जिससे कई जगह स्टॉक खत्म हो गया। उन्होंने बताया कि पिछले 10 से 12 दिनों का बैकलॉग जमा हो गया था, इसलिए एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे पहले लंबित बुकिंग वाले उपभोक्ताओं तक होम डिलीवरी करें। सूरज गैस एजेंसी पर महज 4 सिलेंडर ही:- शहर में राज गैस पर 14, हेतराम पर 62, रवि गैस पर 67, बंटी भारत गैस पर 29, सूरज गैस पर 4 और ब्रज गैस पर 17 सिलेंडर हैं, कुल स्टॉक 299 है। सेवर में मलाह पर 7 और रेनू सिंह एजेंसी पर 10 सिलेंडर हैं। वैर में निठार 12, पथैना 10, किला रोड 5 और छौंकरवाड़ा 12 सिलेंडर हैं, जबकि भुसावर में 11 सिलेंडर उपलब्ध हैं। नदबई में कुछ राहत है, जहां राधे एजेंसी पर 151 और भातरा पर 44 सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि भरतपुर-2 क्षेत्र में कुल 245 सिलेंडर दर्ज किए गए हैं। जिले में कुल 544 कमर्शियल सिलेंडर ही बचे हैं, ऐसे में यदि जल्द सप्लाई नहीं बढ़ी तो संकट और गहरा सकता है। जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर कम दिखना वास्तविक कमी नहीं, बल्कि डिलीवरी प्राथमिकता का नतीजा है। सूरज गैस और हेतराम गैस जैसी कुछ एजेंसियों पर सप्लाई प्रभावित हुई थी, लेकिन अब लोडिंग शुरू हो चुकी है और जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी। कमर्शियल सिलेंडरों की कमी को लेकर बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की एजेंसियां सामान्यतः इसका कोटा नहीं लेती हैं, इसलिए अचानक मांग बढ़ने पर वहां संकट ज्यादा गहरा गया।